रईसी सरकार की उपलब्धियां, वरिष्ठ नेता ने की सराहना
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ईरान की वर्तमान सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों की सर्वोच्च नेता ने प्रशंसा की है।
(last modified 2023-08-31T06:14:39+00:00 )
Aug ३१, २०२३ ११:४४ Asia/Kolkata

ईरान की वर्तमान सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों की सर्वोच्च नेता ने प्रशंसा की है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने राष्ट्रपति रईसी और उनके मंत्रीमंणडल के साथ भेंट में 13वीं सरकार द्वारा किये गए प्रयासों की सराहना की। 

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने वर्तमान सरकार की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि हमारा अपने किसी भी पड़ोसी के साथ तनाव नहीं होना चाहिए और अगर यदि है तो उसको सहयोग में परिवर्तित कर लिया जाए।  यह मुलाक़ात शहीद रजाई और शहीद बाहुनर की शहादत की बरसी और सरकार सप्ताह के अवसर पर बुधवार को तेहरान में हुई। 

सैयद इब्राहीम रईसी के नेतृत्व वाली ईरान की तेरहवीं सरकार ने सत्ता संभालते ही पड़ोसी देशों के साथ सहयोग की नीति को वरीयता दी।  इसी के साथ उसने कई अन्य क्षेत्रों में भी काम किये।  पिछले 24 महीनों के दौरान ईरान के राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी 19 विदेश यात्राएं कर चुके हैं।  इस दौरान ईरान की सरकार ने 163 अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं।

राष्ट्रपति रईसी की ओर से इस बात पर बल दिया जा रहा है कि पड़ोसी देशों के साथ राजनीतिक और कूटनीतिक संबन्धों को मज़बूत किया जाए।  इसी बीच क्षेत्र के उन अरब देशों ने ईरान के साथ संबन्ध सामान्य करने की बात कही है जो तेहरान के साथ मतभेद रखते थे।  जैसे आजकल विभिन्न चैनेलों से इस्लामी गणतंत्र ईरान और मिस्र ता बहरैन के बीच संबन्ध सामान्य कराए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उधर सूडान भी ईरान के साथ संबन्ध सामान्य करने का इच्छुक दिखाई दे रहा है। 

पड़ोसी देशों के साथ संबन्ध सामान्य करने के साथ ही परस्पर व्यापारिक आदान-प्रदान में भी वृद्धि हुई है।  इस बात को एसे समझा जा सकता है कि ईरान के साथ उसके पड़ोसी देशों का व्यापारिक हिस्सा बढ़कर 50 प्रतिशत हो चुका है।  ईरान की वर्तमान रईसी सरकार का एक अन्य लक्ष्य क्षेत्रीय एवं अन्तर्राष्ट्री संगठनों में ईरान की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।  इस काम से जहां एक ओर देश को आर्थिक एवं राजनीतिक दृष्टि से मज़बूती हासिल होगी उसी के साथ अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने में ही सहायता मिलेगी। 

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को 13वीं सरकार के मंत्रिमंडल के साथ भेंट में कहा कि दो अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों में ईरान की सदस्यता यह दर्शाती है कि देश अब एसी स्थति में आ गया है कि अन्तर्राष्ट्रीय कंपनियां, इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ समझौते करने के लिए आतुर हैं।  वे ईरान की वास्तविकताओं को समझते हुए अब इस परिणाम तक पहुंचे हैं कि इस देश के साथ संबन्ध बनाए रखना बहुत ज़रूरी हो गया है।