ईरान ने दिखाए तेवर, रक्षा उपलब्धियों का अनावरण करके दिया संदेश
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इस्लामिक क्रांति के वरिष्ठ नेता ने आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की वैज्ञानिक उपलब्धियों का निरिक्षण किया और ऐसी वैज्ञानिक उपलब्धियों को दृढ़ संकल्प और विश्वास पर आधारित प्रेरणा का परिणाम क़रार दिया।
(last modified 2023-11-20T04:12:31+00:00 )
Nov २०, २०२३ ०९:३७ Asia/Kolkata

इस्लामिक क्रांति के वरिष्ठ नेता ने आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की वैज्ञानिक उपलब्धियों का निरिक्षण किया और ऐसी वैज्ञानिक उपलब्धियों को दृढ़ संकल्प और विश्वास पर आधारित प्रेरणा का परिणाम क़रार दिया।

सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि जहां भी हमारे युवा दृढ़ संकल्प और विश्वास के साथ जाते हैं, वे महान कार्य करने में सक्षम हुए हैं। उनका कहना था कि इस प्रदर्शनी में दृढ़ संकल्प और विश्वास के लक्षण भी नज़र आए हैं।

सुप्रीम लीडर ने रविवार की सुबह आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की नवीनतम वैज्ञानिक उपलब्धियों का निरिक्षण किया जबकि उन्होंने आशूरा यूनिवर्सिटी ऑफ एयरोस्पेस साइंसेज एंड टेक्नोलॉजीज की प्रदर्शनी में भी भाग लिया।

इस प्रदर्शनी में मिसाइल, ड्रोन, रक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियों को शामिल किया गया था। आईआरजीसी एयरोस्पेस फ़ोर्स के युवा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की नई और नवीन उपलब्धियों को "आइडिया से ऑल-ईरानी उत्पाद तक" शीर्षक के तहत पेश किया गया।

इस प्रदर्शनी में इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता की उपस्थिति में फ़त्ताह-2 हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल, मेहरान मोबाइल रक्षा प्रणाली और विकसित 9 दै प्रणाली और शाहिद-147 ड्रोन का भी अनावरण किया गया।

फ़त्ताह-2 हाइपरसोनिक मिसाइल में ग्लाइड और क्रूज़ क्षमताएं हैं। हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहनों को रॉकेट से लॉन्च किया जाता है फिर ग्लाइड वाहन रॉकेट से अलग हो जाता है और लक्ष्य की ओर कम से कम मैक 5 की गति से ग्लाइड करता है। हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलें उच्च गति, हवाई इंजन द्वारा संचालित होती हैं। फ़त्ताह-2 को एचजीवी और एचसीएम हाइपरसोनिक हथियारों की कैटेगरी में विभाजित किया गया है।

फ़त्ताह-2 हाइपरसोनिक मिसाइल जिन विशेषताओं से संपन्न है वह केवल ईरान समते दुनिया के चार देशों के पास ही हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस मौक़े पर आईआरजीसी द्वारा निर्मित "ग़ज़्ज़ा" नामक ड्रोन का भी निरक्षण किया। यह ड्रोन लगातार 35 घंटे तक उड़ान भर सकता है।

ग़ज़्ज़ा ड्रोन 35 हज़ार फीट से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है और 500 किलोमीटर दूर लक्ष्य पर हमला करने के साथ ही टारगेट की जासूसी भी कर सकता है। ग़ज़्ज़ा ड्रोन एक साथ 13 बम ले जाने की क्षमता रखता है।

यह बात स्पष्ट है कि ईरान के ख़िलाफ व्यापक प्रतिबंधों और यहां तक ​​कि वैज्ञानिकों की हत्याओं और दुश्मनों द्वारा ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों में विध्वंसक कार्यवाहियों के बावजूद ईरान अब मिसाइलों और वायु रक्षा प्रणालियों, ड्रोन और हल्के तथा भारी हथियारों से लेकर रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है बल्कि ईरान लड़ाकू विमानों और पनडुब्बियों के क्षेत्र में इलाक़े की पहली शक्ति बन गया है। (AK)

 

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