बहरैनी नागरिकों पर ईरान के लिए जासूसी का आरोप निराधार
विदेश मंत्रालय ने बहरैनी नागरिकों पर ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप को निराधार बताया है।
विदेश मंत्रालय के एक मीडिया अधिकारी ने बहरैन के एक न्यायालय द्वारा इस देश के पांच नागरिकों को ईरान की जासूसी के आरोप में सज़ा सुनाए जाने की ओर संकेत करते हुए इस आरोप को निराधार बताया है। अधिकारी ने अपना नाम प्रकट न करने की शर्त पर बताया कि जब से बहरैन में जनता ने सरकार के विरुद्ध आंदोलन आरंभ किया है, आले ख़लीफ़ा सरकार दायित्वों से पल्ला झाड़ने और मानवाधिकार के हनन के आरोपों का जवाब न देने के लिए कुछ देशों पर निराधार आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार एेसा करके विश्व जनमत का ध्यान बहरैन के आंतरिक संकट की ओर से हटाना चाहती है।
विदेश मंत्रालय के इस अधिकारी ने कहा कि बहरैन सरकार की ओर से अपनाए गए पुलिसिया रवैया और सांप्रदायिक मतभेद बढ़ाने की कोशिश से न केवल यह कि इस देश की समस्याएं हल नहीं होंगी बल्कि उनमें वृद्धि ही होगी। ज्ञात रहे कि बहरैन में फ़रवरी वर्ष 2011 से जनता आले ख़लीफ़ा की तानाशाही सरकार के विरुद्ध आंदोलन कर रही है। लोग स्वतंत्रता, न्याय की स्थापना, भेद-भाव की समाप्ति और प्रजातांत्रिक सरकार के गठन की मांग कर रहे हैं। (HN)