इस्लामी क्रांति सदैव ज्ञान- विज्ञान में वृद्धि पर बल देती हैः राष्ट्रपति
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि इस्लामी इस्लामी क्रांति ने सदैव ज्ञान- विज्ञान में वृद्धि पर बल दिया है।
राष्ट्रपति सैय्यद मोहम्मद इब्राहीम रईसी ने कहा कि ज्ञान- विज्ञान को व्यवहारिक चरण तक पहुंचना चाहिये और तकनीक को कार्यों का आधार होना चाहिये और इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने सदैव नालेज बेस्ड कंपनियों की प्रगति व विकास पर बल दिया ताकि यह ज्ञान लोगों के जीवन में प्रभावी हो सकें।
राष्ट्रपति ने साइंस ओलंपियाड में पदक जीतने वालों के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि इस्लामी क्रांति ने सदैव ज्ञान- विज्ञान को अधिक किये जाने पर ध्यान दिया है और स्वर्गीय इमाम खुमैनी रह. एक महान विद्वान थे और इन्होंने 50 खंडों से अधिक किताबें लिखी हैं जिनकी गणना महत्वपूर्ण किताबों में होती है और इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता भी ज्ञान में वृद्धि पर बल देते हैं।
राष्ट्रपति ने इस्लामी क्रांति से पहले और बाद के शिक्षाकेन्द्रों की संख्या की ओर संकेत करते हुए कहा कि हमारे युवा ज्ञान- विज्ञान के क्षेत्र में बहुत अधिक योग्यता रखते हैं और उनकी इन योग्यताओं व प्रतिभाओं को निखारा जाना चाहिये। राष्ट्रपति ने कहा कि अलबत्ता आज हम ज्ञान- विज्ञान के क्षेत्र में अच्छी पोज़िशन में हैं मगर इसे काफी नहीं समझना चाहिये।
इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा कि अध्ययनकर्ता जवानों के विचारों को एक दूसरे के साथ रखना चाहिये और शैक्षिक व वैज्ञानिक बहसों और विचारों के आदान- प्रदान से नये विचार अस्तित्व में आते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि "हम कर सकते हैं" के विचार को समस्त क्षेत्रों में समस्याओं के समाधान का कारण होना चाहिये। MM
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