स्नैप-बैक क्यों विफल होगा?
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पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि स्नैप-बैक विफ़ल होगा।
(last modified 2025-09-28T10:28:36+00:00 )
Sep २७, २०२५ १६:०० Asia/Kolkata
  • ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास इराक़ची
    ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास इराक़ची

पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि स्नैप-बैक विफ़ल होगा।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सैयद अब्बास इराक़ची ने 26 सितंबर शुक्रवार रात को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: जिस तरह सैन्य हमला विफल हुआ, उसी तरह स्नैप-बैक भी विफल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कभी दबाव के आगे झुकेगा नहीं। इराक़ची ने कहा कि अगर गैर-क्षेत्रीय दबाव कानून की जगह ले लेता है, तो हमें कोई परिणाम नहीं मिलेगा।

 

इराक़ची ने कहा कि स्नैप-बैक को सक्रिय करना गैरकानूनी है और यह कूटनीतिक मार्ग को बंद कर देगा इसके सक्रिय होने से हमारी एजेंसी के साथ समझौते को लागू करना मुश्किल हो जाएगा और यह यूरोपीय देशों का यह कदम हमारी एजेंसी के साथ सहयोग को प्रभावित करेगा।

 

सुरक्षा परिषद की बैठक में इराक़ची ने कहा कि प्रस्तावित प्रस्ताव कूटनीति को आगे बढ़ाने का एक ईमानदार प्रयास था लेकिन अमेरिका ने कूटनीति के साथ विश्वासघात किया और तीन यूरोपीय देशों ने परमाणु समझौते को दफ़न कर दिया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक रूस और चीन द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव पर विचार और मतदान के लिए 26 सितंबर को आयोजित की गई जिसका उद्देश्य ईरान के खिलाफ़ स्वचालित रूप से लागू होने वाले यूएन प्रतिबंधों की वापसी को रोकना था। यह प्रस्ताव तकनीकी रूप से प्रस्ताव 2231 को 6 महीने यानी 18 अप्रैल 2026 तक के लिए बढ़ाने के उद्देश्य से पेश किया गया था, लेकिन अमेरिका और यूरोपीय देशों के रोड़े अटकाने के कारण इसे आवश्यक वोट नहीं मिल सके। मतदान में 4 समर्थन वाले वोट चीन, रूस, पाकिस्तान और अल्जीरिया/ 9 विरोधी वोट फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया, डेनमार्क, पनामा, सोमालिया और ग्रीस और 2 तटस्थ वोट यानी गुयाना और दक्षिण कोरिया ने मतदान में भाग नहीं लिया।

 

इस प्रस्ताव की विफलता के साथ, स्नैप-बैक नामक प्रक्रिया प्रस्ताव 2231 के अनुच्छेद 11 के तहत अंतिम चरण में प्रवेश कर गई और 2015 के परमाणु समझौते के बाद निलंबित किए गए प्रतिबंध स्वचालित रूप से पुनः लागू होने की कगार पर आ गए।

 

इस बीच ईरानी इस्लामी गणराज्य ने बार-बार घोषणा की है कि उसने अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का पालन किया है और अमेरिका का एकतरफा ब्रेकआउट और यूरोपीय पक्षों की वफादारीहीनता वर्तमान स्थिति का मुख्य कारण है।

 

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बार-बार ईरान की परमाणु गतिविधियों की शांति-स्नेही प्रकृति की पुष्टि की है और हाल ही में ईरान और एजेंसी ने काहिरा में समझौता किया।

 

ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने पश्चिम के दबंग रवैये और स्नैप-बैक को सक्रिय करने की अवैध प्रक्रिया की निंदा करते हुए ज़ोर देकर कहा कि ईरानी इस्लामी गणराज्य कभी भी ज़ोर और दबाव के सामने नहीं झुकेगा। तेहरान ने बार-बार यह घोषित किया है कि वह परस्पर सम्मान और वास्तविक प्रतिबंधों को हटाने के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है लेकिन किसी भी प्रकार की दबाव और धमकी की नीति को ईरानी इस्लामी गणराज्य की निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। mm