ईरानी लोग किन खेलों में रुचि रखते हैं?
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तेहरान का आज़ादी फ़ुटबॉल स्टेडियम
पार्स-टुडे – ईरान में खेल केवल एक मनोरंजक गतिविधि नहीं बल्कि राष्ट्रीय पहचान का एक हिस्सा और सामूहिक गर्व का स्रोत बन चुका है।
खेल हमेशा से ईरानियों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
प्राचीन काल में जब कुश्ती और ज़ुरख़ाना खेल, शक्ति और पहलवानी का प्रतीक थे, से लेकर आज तक जब फुटबॉल, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल के लाखों प्रशंसक हैं, खेल ईरानी संस्कृति का अभिन्न अंग बन चुका है। इतिहास और समृद्ध संस्कृति के कारण ईरान में विविध प्रकार के खेल प्रचलित हैं। इनमें से कुछ जैसे कुश्ती और चोगान प्राचीन मूल के हैं, जबकि फुटबॉल, वॉलीबॉल और शतरंज जैसे खेल आधुनिक दौर में अत्यधिक लोकप्रिय हुए। हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ईरानी खिलाड़ियों की सफलताओं ने भी आम जनता का ध्यान विभिन्न खेलों की ओर बढ़ाया है।
इस लेख में पार्स-टुडे ने ईरान के लोकप्रिय खेलों पर नज़र डाली है।
कुश्ती
कुश्ती ईरान के सबसे प्राचीन खेलों में से एक है, जिसकी उम्र हज़ारों वर्ष मानी जाती है। कई ईरानी पहलवान जैसे पूरवलीकुश्ती के प्रतीक बन चुके हैं और आज भी इस खेल के बड़े प्रशंसक हैं। ईरान दुनिया की प्रमुख कुश्ती शक्तियों में से एक है और इसके पहलवानों जैसे ग़ुलामरेज़ा तख़्ती रसूल ख़ादिम, हसन यज़दानी, हमीद सुरयान और अलीरेज़ा दबीऱ ने विश्व और ओलंपिक प्रतियोगिताओं में अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
फुटबॉल
फुटबॉल 20वीं सदी की शुरुआत में ईरान पहुँचा, और देश में पहली आधिकारिक फुटबॉल प्रतियोगिताएँ 1920 के दशक की हैं। समय के साथ फुटबॉल ईरान का सबसे लोकप्रिय खेल बन गया और राष्ट्रीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन किया। ईरान की प्रीमियर लीग में पेर्सपोलिस, एस्तेक़लाल, सेपाहान और तेराक्तोर जैसे बड़े क्लब शामिल हैं। अली दाई, मेहदी महदवीकिया, सरदार आज़मून और मेहदी तारुमी जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान का नाम रोशन किया है।
वॉलीबॉल
वॉलीबॉल 1950 के दशक से ईरान में लोकप्रिय होना शुरू हुआ, लेकिन 2010 के बाद राष्ट्रीय टीम की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार सफलता ने इसकी लोकप्रियता को चरम पर पहुँचा दिया। वॉलीबॉल नेशंस लीग में टीम का प्रवेश और ब्राज़ील, इटली और अमेरिका जैसी मज़बूत टीमों पर जीत ने जनता की रुचि और बढ़ा दी। सईद मारूफ़, मोहम्मद मूसीवी, अमीर गफ़ूर और मिलाद अबादीपूर जैसे खिलाड़ी ईरान की सफलता में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं।
बास्केटबॉल
हाल के वर्षों में बास्केटबॉल ने तेज़ी से प्रगति की है, और ईरान की राष्ट्रीय टीम एशिया की प्रमुख टीमों में गिनी जाती है। हामेद हदादी और अरसलान काज़ेमी जैसे खिलाड़ियों का अमेरिका की पेशेवर बास्केटबॉल लीग NBA में पहुँचना, ईरानी बास्केटबॉल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण रहा है। ईरान की टीम कई बार एशिया चैंपियन बनी है और विश्व प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुकी है।
पारंपरिक और स्थानीय खेल
ईरानी ज़ुरखाना खेल, जिसमें कुश्ती, शारीरिक व्यायाम और धार्मिक/रिवायती तत्व शामिल हैं, ईरान के सबसे पुराने खेलों में गिना जाता है। यह खेल प्राचीन काल से प्रचलित है और आज भी पारंपरिक ज़ुरखानों में अभ्यास किया जाता है।
चोगान भी ईरान का एक प्राचीन खेल है, जो हख़ामनीशियान के दौर में भी खेला जाता था। बाद में यह भारत और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई हिस्सों में पहुँचा और आज एक अंतरराष्ट्रीय खेल है।
शतरंज
शतरंज लंबे समय से ईरानी संस्कृति का हिस्सा रहा है और इसका उल्लेख ऐतिहासिक स्रोतों व शास्त्रीय साहित्य में मिलता है। यह खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता और रणनीति का प्रतीक माना जाता है। आज ईरान दुनिया के प्रमुख शतरंज देशों में शामिल है। विश्व ओलंपियाड में भागीदारी और उच्च रैंकिंग हासिल करने वाले खिलाड़ियों ने ईरानी शतरंज को अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि दिलाई है। एहसान क़ाएम-मक़ामी और परहम मक़सूदलू इस क्षेत्र में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्तर के ईरानी खिलाड़ी हैं। mm