इमाम ख़ामेनेई: आयतुल्लाह मीलानी इस्लामी आंदोलन के स्तंभों में से एक हैं
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पार्स टुडे– इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के वक्तव्य आयतुल्लाह सैयद मोहम्मद हादी मीलानी की बरसी के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने वाली समिति के सदस्यों से मुलाक़ात के दौरान इस कार्यक्रम के आयोजन स्थल पर जारी किए गए।
(last modified 2025-12-25T09:00:31+00:00 )
Dec २५, २०२५ १४:२८ Asia/Kolkata
  • इस्लामी क्रांति के नेता हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनेई
    इस्लामी क्रांति के नेता हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनेई

पार्स टुडे– इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के वक्तव्य आयतुल्लाह सैयद मोहम्मद हादी मीलानी की बरसी के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने वाली समिति के सदस्यों से मुलाक़ात के दौरान इस कार्यक्रम के आयोजन स्थल पर जारी किए गए।

इस्लामी क्रांति के नेता के कार्यालय की सूचना वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए, दिवंगत आयतुल्लाह मीलानी को आध्यात्मिक, “नैतिक”, “वैज्ञानिक” तथा “सामाजिक और राजनीतिक” दृष्टि से एक सर्वांगीण व्यक्ति बताया और बल देकर कहा: आयतुल्लाह मीलानी वास्तव में मशहद के हौज़ा-ए-इल्मिया धार्मिक शिक्षण संस्थान के पुनर्जीवक थे और यह हौज़ा उस महान आलिम का ऋणी है।

 

इस्लामी क्रांति के नेता ने व्यक्तिगत रूप से आयतुल्लाह मीलानी को एक विशिष्ट व्यक्ति बताया जिनमें गरिमा, शालीनता और साथ ही विनम्रता, मित्रों के प्रति निष्ठा, कोमल आत्मा और काव्य-रुचि पाई जाती थी। उन्होंने आगे कहा: वैज्ञानिक दृष्टि से वह एक महान आलिम थे जिन्होंने मरहूम नाइनी और मरहूम शैख़ मोहम्मद हुसैन इस्फ़हानी जैसे उस्तादों से लाभ उठाया था और “शिक्षा व शैक्षिक विमर्श” में प्रभावशाली वक्ता थे तथा योग्य छात्रों का प्रशिक्षण करते थे।

 

हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने आयतुल्लाह मीलानी के व्यक्तित्व का एक अन्य पहलू उनके आध्यात्मिक मार्ग से जुड़ा होना बताया और उस दौर के सामाजिक व राजनीतिक घटनाक्रमों में उनकी सक्रिय उपस्थिति की ओर संकेत करते हुए कहा: चालीस के दशक के शुरुआती वर्षों में संघर्ष की शुरुआत के समय, आयतुल्लाह मीलानी वास्तव में इस्लामी आंदोलन के स्तंभों में से एक थे और घटनाओं के केंद्र में मौजूद रहते थे। इमाम ख़ुमैनी (रह.) की गिरफ़्तारी के बाद अन्य उलमा के साथ तेहरान की उनकी यात्रा, राजनीतिक मामलों में उनकी प्रभावशाली उपस्थिति का एक उदाहरण है।

 

इस्लामी क्रांति के नेता ने इस्लामी आंदोलन के समर्थन में आयतुल्लाह मीलानी की सशक्त, संतुलित और दृढ़ घोषणाओं को राजनीतिक मामलों में उनकी प्रभावी भूमिका का एक और उदाहरण बताया और कहा: इमाम ख़ुमैनी (रह.) के तुर्की निर्वासन के बाद उनके समर्थन में लिखा गया आयतुल्लाह मीलानी का पत्र एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ है।

 

हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ज़ोर देकर कहा: आयतुल्लाह मीलानी का विभिन्न राजनीतिक धाराओं से जुड़े संघर्षरत व्यक्तियों और समूहों से संपर्क था लेकिन वह हमेशा किसी एक विशेष राजनीतिक धारा से जोड़े जाने से सख़्ती से परहेज़ करते थे।

 

उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन का आयोजन आयतुल्लाह मीलानी के व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों को जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का माध्यम बनेगा।

 

आयतुल्लाह “मोहम्मद हादी मीलानी” के निधन की पचासवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित यह स्मृति कार्यक्रम इस महान आलिम के बारे में इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के वक्तव्यों के साथ गुरुवार को हरमे रज़वी के क़ुद्स हाल में आरंभ हुई। mm