काराकास, अमेरिकी नीति का नवीनतम शिकार
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पार्स टुडे - मादुरो द्वारा अमेरिका के साथ बातचीत की तैयारी की घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय के भीतर कराकास पर सैन्य हमले के साथ जवाब दिया गया। वाशिंगटन का यह एक दोहराया गया पैटर्न है।
(last modified 2026-01-04T12:10:53+00:00 )
Jan ०३, २०२६ १५:०७ Asia/Kolkata
  • अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला
    अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला

पार्स टुडे - मादुरो द्वारा अमेरिका के साथ बातचीत की तैयारी की घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय के भीतर कराकास पर सैन्य हमले के साथ जवाब दिया गया। वाशिंगटन का यह एक दोहराया गया पैटर्न है।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार जिस दिन मादुरो ने घोषणा की कि उसके तेल कुओं के द्वार अमेरिकियों के लिए खुले हैं और उसने अमेरिका के साथ बातचीत की माँग की उसके 24 घंटे से भी कम समय के बाद कराकास पर बमबारी की गई। गुरुवार की रात दुनिया की कई समाचार एजेंसियों ने मादुरो के वीडियो संदेश को प्रसारित किया। एक ऐसा संदेश जिसमें मादुरो ने अमेरिका के साथ बातचीत की माँग की थी।

 

उन्होंने गुरुवार रात वेनेजुएला के टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि वह अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं "किसी भी समय और किसी भी स्थान पर जहाँ वे चाहें।" लेकिन मादुरो की इस नरमी के कारण न केवल अमेरिकी बातचीत की मेज पर नहीं बैठे बल्कि मादुरो की घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय के बाद अमेरिका ने कराकास पर बमबारी की।

 

ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका की इस प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं है। कोई भी जो अमेरिका के साथ बातचीत करने का इरादा रखता है उस पर बमबारी की जाती है। पिछले दो दशकों के दौरान अमेरिका ने कई बार "बातचीत के लिए विरोधी के नरम पड़ने के बाद और यहाँ तक कि लक्षित देशों के साथ बातचीत के दौरान भी सैन्य हमले या बमबारी की है।"

 

लिबियाः 2011: जबकि आंतरिक संकट को समाप्त करने और सत्ता के हस्तांतरण के लिए अंतरराष्ट्रीय वार्ता चल रही थी, अमेरिका और नाटो ने सरकारी ठिकानों और सैन्य बुनियादी ढांचे पर व्यापक हवाई हमले किए जो अंततः गद्दाफी के शासन के पतन का कारण बने।

 

इराक़ः 2003: सद्दाम हुसैन के साथ हथियार निरीक्षण और तनाव को सुलझाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की राजनयिक वार्ता चल रही थी लेकिन अमेरिका ने सैन्य हमला शुरू कर दिया और इराक युद्ध की शुरुआत की।

 

अफ़ग़ानिस्तानः 2001: 11 सितंबर के हमलों के बाद अमेरिका ने अल-कायदा से लड़ने में सहयोग के लिए क्षेत्र के कुछ समूहों और देशों के साथ गुप्त वार्ता की लेकिन साथ ही साथ तालिबान और अल-कायदा के ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए गए।

 

सीरियाः 2018: तनाव कम करने के बारे में औपचारिक वार्ता से पहले अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया सरकार के खिलाफ हवाई हमले किए यहाँ तक कि तब भी जब संयुक्त राष्ट्र और अन्य पक्ष मध्यस्थता कर रहे थे।

 

ईरान 2025: अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान की परमाणु सुविधाओं पर 21-22  जून 2025 को हमला तब हुआ जब ईरान और अमेरिका के बीच पाँच दौर की परमाणु वार्ता हो चुकी थी और दोनों पक्ष छठे दौर की तैयारी में थे।

 

और आज 2026 के वर्ष के पहले दिनों में अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अपनी इस नीति के फॉर्मूले को खाली न रहने देने के लिए, कराकास को आग के हवाले कर दिया! ये अनुभव दर्शाते हैं कि व्यावहारिक रूप से अमेरिका के साथ बातचीत बेकार है और यहाँ तक कि लक्षित देशों के लिए हानिकारक भी है। ऐतिहासिक उदाहरणों की समीक्षा यह इंगित करती है कि "बातचीत" की अवधारणा का उल्लेख किसी प्रकार से "हमले की तैयारी" के बराबर है।

 

यह प्रक्रिया दुनिया के सभी लोगों के लिए एक ऐतिहासिक सबक है: अमेरिका के साथ बातचीत की ओर बढ़ना, अमेरिका की बिना शर्त स्वीकृति को स्वीकार करने के बराबर है। इस प्रकार अमेरिकी ज़ोर-ज़बरदस्ती के सामने दुनिया के लोगों के पास दो से अधिक रास्ते नहीं हैं: पूर्ण समर्पण या पूर्ण प्रतिरोध! mm