इराक़ची: शहीद सुलेमानी क्षेत्र में "प्रतिरोध धुरी" के शिल्पकार थे
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पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने इस्लामी क्रांति रक्षक कोर की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर शहीद क़ासिम सुलेमानी को क्षेत्र में "प्रतिरोध धुरी" का शिल्पकार बताया।
(last modified 2025-12-30T09:27:16+00:00 )
Dec ३०, २०२५ १४:५४ Asia/Kolkata
  • ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास इराक़ची
    ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास इराक़ची

पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने इस्लामी क्रांति रक्षक कोर की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर शहीद क़ासिम सुलेमानी को क्षेत्र में "प्रतिरोध धुरी" का शिल्पकार बताया।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “हाज क़ासिम की विचारधारा में कूटनीति और प्रतिरोध” सोमवार को शहीद लेफ्टिनेंट जनरल हाज क़ासिम सुलेमानी की शहादत की छठी बरसी के अवसर पर तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री तथा ईरान और विश्व के अनेक वरिष्ठ राजनीतिक, थिंक-टैंक और विश्वविद्यालयी अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

 

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस सम्मेलन में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा: हाज क़ासिम क्षेत्र में "प्रतिरोध धुरी" के शिल्पकार थे लेकिन इस संरचना के प्रभाव वर्तमान नीतियों और विदेश नीति के क्रियान्वयनात्मक दृष्टिकोणों से कहीं आगे तक दिखाई देते हैं। इराक़ची ने ज़ोर देकर कहा: हाज क़ासिम की सोच, जो स्वयं इस्लामी क्रांति के आदर्शों और ईरानी इस्लामी गणराज्य के संविधान के मूल सिद्धांतों की अभिव्यक्ति है, उसी सैद्धांतिक आधार और उस विदेश नीति की नींव से निकली है जिसे “प्रतिरोध-आधारित कूटनीति” कहा जाना चाहिए।

 

ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया: सफल और प्रभावी कूटनीति, दूसरों के साथ व्यवहार में साहस और विवेक का संतुलित संयोजन होती है। कूटनीति की कला के बिना न तो संबंध सुव्यवस्थित होते हैं और न ही विभिन्न आयामों में शक्ति-संतुलन साकार होता है। वार्ता कूटनीति की कला है और कूटनीति को सुदृढ़ करने का अर्थ है लागत को कम करना, उपलब्धियों को संस्थागत बनाना और शांति व युद्ध दोनों में विजय प्राप्त करना किंतु कूटनीति अकेले किसी मंज़िल तक नहीं पहुँचाती। कूटनीति में निर्णायक भूमिका “राष्ट्रीय शक्ति के तत्वों” की होती है।

 

इराक़ची ने कहा: ईरानी इस्लामी गणराज्य की कूटनीति, एक प्रतिरोध-आधारित कूटनीति के रूप में, सदैव यह प्रयास करती रही है कि न्याय-समर्थन, साम्राज्यवाद-विरोध, वंचितों के अधिकारों की रक्षा और उत्पीड़ित राष्ट्रों के समर्थन का संदेश जो प्रतिरोध विमर्श की बुनियाद और आत्मा है सटीक, तर्कपूर्ण और प्रभावी भाषा में तथा अंतरराष्ट्रीय क़ानून के सिद्धांतों के ढाँचे में वैश्विक समुदाय तक पहुँचाया जाए।

 

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा: पूरे प्रतिरोध आंदोलन का धड़कता हुआ हृदय, केंद्रीय बिंदु और नैतिक धुरी निस्संदेह ज़ायोनी शासन की ऐतिहासिक, विस्तारवादी और नस्लवादी क़ब्ज़े के विरुद्ध प्रतिरोध है। यह प्रतिरोध दशकों से भूमि पर क़ब्ज़े, जनता के विस्थापन, मानवाधिकारों के संगठित और घोर उल्लंघन, बच्चों की हत्या, घरों के विनाश और खुले रंगभेद अपार्थाइड की नीतियों के विरुद्ध एक वैध, क़ानूनी और मानवीय प्रतिक्रिया है।

 

इराक़ची ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान प्रतिरोध विमर्श के प्रति अपने नैतिक, राजनीतिक और क़ानूनी समर्थन को जारी रखेगा। उन अनेक धारणाओं के विपरीत जो क्षेत्र के भविष्य को ज़ायोनी शासन के निर्विवाद प्रभुत्व के रूप में प्रस्तुत करती हैं, क्षेत्रीय और वैश्विक वास्तविकताएँ दर्शाती हैं कि प्रतिरोध एक निर्विवाद भू-राजनीतिक वास्तविकता बन चुका है और पश्चिम एशिया के भविष्य के क्रम को आकार देने वाले प्रमुख और प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक है ऐसा क्रम जो क्षेत्र की जनता की स्वतंत्र इच्छा, देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता के सम्मान, न्याय तथा द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पर आधारित होना चाहिए, न कि थोपे जाने, ज़बरदस्ती और क्षेत्रेतर शक्तियों की योजनाओं पर।

 

उन्होंने आगे कहा: इस लंबे और गौरवपूर्ण मार्ग में शहीद सुलेमानी का रास्ता ,तर्कशीलता, त्याग, सूझ-बूझ तथा सक्रिय और बुद्धिमान प्रतिरोध का मार्ग हमारे लिए मार्गदर्शक प्रकाश और दिशा-मानचित्र है। हम इन आदर्शों का अनुसरण करते हुए, ईश्वर पर भरोसा और जनता की शक्ति पर निर्भर रहकर अपने मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे। mm