पेज़ेश्कियान: "हाल का समझौता, ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध की उपलब्धि है"
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पार्स टुडे – ईरान के राष्ट्रपति ने शीर्ष धर्मगुरुओं में से एक आयतुल्लाह अल-उज़्मा शोबैरी ज़ंजानी से मुलाकात में दुश्मनों की रणनीतियों को विफल करने में लोगों के संघर्ष की निर्णायक भूमिका पर जोर देते हुए हाल के समझौते और इससे प्राप्त राहत को ईरानी राष्ट्रीय प्रतिरोध की उपलब्धियों में से एक बताया।
(last modified 2026-06-29T12:28:31+00:00 )
Jun २९, २०२६ १७:५७ Asia/Kolkata
  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान की ईरान के शीर्ष धर्मगुरुओं में से एक आयतुल्लाह अल-उज़्मा शोबैरी ज़ंजानी से मुलाकात
    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान की ईरान के शीर्ष धर्मगुरुओं में से एक आयतुल्लाह अल-उज़्मा शोबैरी ज़ंजानी से मुलाकात

पार्स टुडे – ईरान के राष्ट्रपति ने शीर्ष धर्मगुरुओं में से एक आयतुल्लाह अल-उज़्मा शोबैरी ज़ंजानी से मुलाकात में दुश्मनों की रणनीतियों को विफल करने में लोगों के संघर्ष की निर्णायक भूमिका पर जोर देते हुए हाल के समझौते और इससे प्राप्त राहत को ईरानी राष्ट्रीय प्रतिरोध की उपलब्धियों में से एक बताया।

सरकारी प्रसारण संगठन (IRIB) की समाचार एजेंसी के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने क़ुम प्रांत की अपनी यात्रा के कार्यक्रमों के दौरान शीर्ष धर्मगुरुओं में से एक आयतुल्लाह अल-उज़्मा शोबैरी ज़ंजानी से मुलाकात और बातचीत की।

 

इस मुलाकात में पेज़ेश्कियान ने हाल के महीनों की घटनाओं और परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए दुश्मनों के दबाव और खतरों के खिलाफ ईरानी राष्ट्र के संघर्ष के लिए आभार व्यक्त किया और कहा:

"हाल के युद्ध में इस तथ्य के बावजूद कि दुश्मनों ने महान-प्रतिष्ठित नेता, मंत्रियों, कमांडरों, कुछ विशिष्ट व्यक्तियों और यहाँ तक कि हमारे छात्रों को शहीद कर दिया लेकिन ईरानी लोगों, सशस्त्र बलों और सरकार ने अधिकार के साथ एक-दूसरे के साथ मिलकर देश की रक्षा की और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी।"

 

यह कहते हुए कि "अमेरिका और ज़ायोनी शासन ने ईरान में अस्थिरता पैदा करने के लिए अपनी पूरी क्षमता का उपयोग किया" उन्होंने आगे कहा:

"उनकी धारणा यह थी कि आर्थिक दबाव बनाकर और आंतरिक स्थितियों को बिगाड़कर, ईरान का पतन हो जाएगा लेकिन ईरानी लोगों ने देश के प्रति अपनी उपस्थिति और समर्थन के साथ इन गणनाओं को विफल कर दिया और महान अल्लाह भी ईरानी राष्ट्र का सहायक था।"

 

ईरान के राष्ट्रपति ने विशेष परिस्थितियों और संभावित दबावों का सामना करने के लिए सरकार द्वारा पूर्व-नियोजित तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा:

"दुश्मनों ने ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे जैसे कारखानों, संसाधनों, गैस उत्पादन क्षमताओं, इस्पात और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को निशाना बनाकर, विकास और उत्पादन की प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया। साथ ही तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर वे बेरोजगारी पैदा करने और आर्थिक समस्याओं को बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन ईरानी राष्ट्र की इच्छाशक्ति और ईश्वरीय इच्छा देश की प्रगति और गौरव के मार्ग की निरंतरता पर आधारित थी।"

 

पेज़ेश्कियान ने हाल के समझौते को ईरानी राष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा:

"यह समझौता ईरानी लोगों के लिए एक बड़ी जीत है और इसके ढाँचे के भीतर तेल और पेट्रोकेमिकल प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।"

 

आयतुल्लाह अल-उज़्मा शोबैरी ज़ंजानी ने भी इस मुलाकात में हाल के खतरों और आक्रमणों के खिलाफ ईरानी राष्ट्र के संघर्ष को आध्यात्मिक सहायता और ईश्वरीय कृपा का परिणाम बताया और जोर देकर कहा:

"यह ईश्वरीय सहायता जारी रहेगी।"

 

इस शीर्ष धर्मगुरु ने ईरानी राष्ट्र की प्रतिरोध क्षमता के बारे में दुश्मनों के अनुमानों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया:

"उनकी धारणा यह थी कि कुछ ही दिनों में ईरान का काम खत्म कर देंगे लेकिन आज ईरान अभी भी अधिकार के साथ खड़ा है। यह स्थिरता, ईश्वरीय सहायता के उस स्तर पर है जिसकी वास्तविकता तक हमारी सामान्य समझ नहीं पहुँचती।" mm