बक़ाई: परमाणु एजेंसी आक्रमण को उचित ठहराने का साधन बन गई है
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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई
पार्स टुडे – ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने चेतावनी दी: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निष्पक्षता का राजनीतिक एजेंडों की भेंट चढ़ जाना, इस निगरानी संस्था को युद्ध-भड़काने को उचित ठहराने का सहयोगी बना दिया है।
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने X सोशल मीडिया नेटवर्क पर एक संदेश में, ईरान के परमाणु मुद्दे के संबंध में आईएईए के महानिदेशक के प्रदर्शन के बारे में लिखा: "आईएईए के महानिदेशक ने, उस संदर्भ संस्था की तकनीकी रिपोर्टिंग—जिसकी विश्वसनीयता उसकी तकनीकी विशेषज्ञता, निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर आधारित है—को युद्ध-भड़काने के लिए एक राजनीतिक औचित्य में बदल दिया है।"
उन्होंने आगे कहा: "जब एजेंसी की रिपोर्टें अस्पष्टताओं को दूर करने के बजाय, खतरे की कहानी बनाने और किसी देश के खिलाफ राजनीतिक तथा कानूनी मामला बनाने के लिए सामग्री तैयार करने का साधन बन जाती हैं, तो 'तकनीकी निगरानी' और सैन्य आक्रमण के लिए ज़मीन तैयार करने के बीच की सीमा खतरनाक तरीके से समाप्त हो जाती है।"
बक़ाई ने स्पष्ट किया: "यह मामला केवल एजेंसी या उसके महानिदेशक की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाने तक सीमित नहीं है; बल्कि जो चीज़ बर्बाद हो रही है, वह एजेंसी की सबसे मूल्यवान संपत्ति है—यानी एक निष्पक्ष और स्वतंत्र संदर्भ संस्था के रूप में उसकी विश्वसनीयता। जब एजेंसी की तकनीकी और संस्थागत विश्वसनीयता राजनीतिक एजेंडों की भेंट चढ़ जाती है, तो एजेंसी आक्रमण को तर्कसंगत बनाने और उसे सुविधाजनक बनाने का एक साधन बन जाती है।"
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ज़ोर देकर कहा: "यह एक गहरी संस्थागत विफलता है। इससे भी बदतर यह है कि यह स्थिति एजेंसी को एक अवैध और चुनिंदा युद्ध के लिए राजनीतिक ज़मीन तैयार करने का सहयोगी बना देती है; एक ऐसा युद्ध जो उस नरसंहारक शासन की महत्वाकांक्षाओं और लालच के अनुरूप होता है, जो सामूहिक विनाश के हथियारों से मुक्त मध्य पूर्व के निर्माण के रास्ते में अब भी मुख्य बाधा है।"
बक़ाई ने कहा: "जिस संस्था का कर्तव्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की रक्षा में मदद करना है, उसे कभी भी युद्ध के बहाने पैदा करने की श्रृंखला का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा: "सैन्य आक्रमण और युद्ध अपराधों की ज़िम्मेदारी के मूल्यांकन में, जवाबदेही की मांग को केवल उन लोगों तक सीमित नहीं किया जा सकता जो हमले का आदेश देते हैं या व्यक्तिगत रूप से ऐसे अवैध हमले करते हैं। ज़िम्मेदारी में उन लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए जिन्होंने जानबूझकर आक्रमण को उचित ठहराने के लिए राजनीतिक और कानूनी बहाने बनाने में मदद की है।"
बक़ाई ने ज़ोर देकर कहा: "जो लोग गलत मूल्यांकनों को जबरदस्ती कार्रवाइयों के लिए एक विश्वसनीय आधार के रूप में प्रस्तुत करते हैं और इस तरह आक्रमण के लिए ज़मीन और आधार तैयार करते हैं या उसे वैध बनाते हैं, वे अपने परिणामों की ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकते।" (AK)