अराक़ची: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में असुरक्षा अमेरिकी-ज़ायोनी आक्रामकता का परिणाम है
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सैयद अब्बास अराक़ची, ईरान के विदेश मंत्री
पार्सटुडे – ईरान के विदेश मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हावी असुरक्षा और समुद्री नौवहन में व्यवधान, संयुक्त राज्य अमेरिका और ज़ायोनी शासन की आक्रामक कार्रवाइयों का सीधा परिणाम है।
पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार सैयद अब्बास अराक़ची ने शुक्रवार रात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के हॉल के पास संवाददाताओं के बीच जोर देकर कहा कि किसी देश पर बमबारी की जा सकती है, उसे विनाश की धमकी दी जा सकती है, समुद्री नाकाबंदी और ज़बरदस्ती की कार्रवाइयाँ की जा सकती हैं और फिर यह अपेक्षा की जा सकती है कि सुरक्षा और नौवहन स्वचालित रूप से बहाल हो जाए।
अराक़ची ने स्पष्ट किया कि इस्लामिक गणराज्य ईरान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और कूटनीति के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता पर जोर देता है। यह प्रतिबद्धता उन वार्ताओं के माध्यम से साबित हुई है जिनके परिणामस्वरूप जेसीपीओए का निष्कर्ष, उसका क्रियान्वयन और पिछले दो वर्षों में कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए ईरान के निरंतर प्रयास हुए; उस स्थिति में भी जब ईरान को अमेरिका और इसराइल की आक्रामक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा।
ईरान के विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने विपरीत मार्ग चुना: आक्रमण, धमकी, हत्या, आर्थिक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर की स्पष्ट उपेक्षा। अमेरिका और इसराइल के ईरान के खिलाफ आक्रमण के दौरान, पाँच हज़ार से अधिक लोग मारे गए, जिनमें सैकड़ों महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका अब आर्थिक वंचना को सामूहिक दंड और राजनीतिक ज़बरदस्ती के साधन के रूप में उपयोग कर रहा है। यह कूटनीति नहीं है। यह ज़बरदस्ती और आर्थिक आतंकवाद तथा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा 3 अक्टूबर 2018 को जारी किए गए अनिवार्य अंतरिम उपायों का स्पष्ट और सीधा उल्लंघन है।
अराक़ची ने जोर देकर कहा कि ईरान सुरक्षित और संरक्षित नौवहन के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन समुद्री सुरक्षा को अधिक सैन्य कार्रवाइयों, धमकी, नाकाबंदी या आर्थिक ज़बरदस्ती के माध्यम से बहाल नहीं किया जा सकता। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हावी असुरक्षा और समुद्री नौवहन में व्यवधान, संयुक्त राज्य अमेरिका और ज़ायोनी शासन की आक्रामक कार्रवाइयों का सीधा परिणाम है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने क़तर के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका को एक स्पष्ट सात-दिवसीय योजना भेजी है। यदि आवश्यक शर्तें पूरी हो जाएँ, तो जलडमरूमध्य फिर से खुल सकता है और सात दिनों के भीतर सामान्य समुद्री आवागमन बहाल हो सकता है। अब चुनाव अमेरिका के पास है। ईरान ज़बरदस्ती, धमकी या डराना स्वीकार नहीं करता और ईरान दबाव में अपने संप्रभु और क़ानूनी अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। mm