कमांडर अब्दुल्लाही: फ़राजा ने ईरान के विभाजन को रोका
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पार्सटुडे – ईरान के सशस्त्र बलों के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख और ख़ातम-अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर ने रविवार को एक संदेश में फ़राजा सप्ताह की बधाई देते हुए जोर देकर कहा कि ईरान की समग्र पुलिस कमान ने निरंतर और मजबूत उपस्थिति के साथ जनता के विश्वास की दीवार को बनाए रखा और युद्ध तथा तख्तापलट में ईरान के विभाजन को रोका।
(last modified 2026-10-06T06:06:50+00:00 )
Oct ०६, २०२६ ११:२९ Asia/Kolkata
  • कमांडर अब्दुल्लाही, ईरान के सशस्त्र बलों के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख और ख़ातम-अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर
    कमांडर अब्दुल्लाही, ईरान के सशस्त्र बलों के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख और ख़ातम-अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर

पार्सटुडे – ईरान के सशस्त्र बलों के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख और ख़ातम-अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर ने रविवार को एक संदेश में फ़राजा सप्ताह की बधाई देते हुए जोर देकर कहा कि ईरान की समग्र पुलिस कमान ने निरंतर और मजबूत उपस्थिति के साथ जनता के विश्वास की दीवार को बनाए रखा और युद्ध तथा तख्तापलट में ईरान के विभाजन को रोका।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार पायलट सरलश्कर अली अब्दुल्लाही के संदेश का पूरा पाठ इस प्रकार है:

 

बिस्मिल्लाह अर-रहमान अर-रहीम

 

प्रिय भाई सरदार सरतीप पासदार अहमदरज़ा रादान

 

इस्लामिक गणराज्य ईरान की सम्मानित समग्र पुलिस कमान के कमांडर

 

सलाम अलैकुम;

 

"फ़राजा सप्ताह" ऐसे वर्ष में आ रहा है जब ईरानी राष्ट्र ने अभूतपूर्व सुरक्षा और सैन्य परीक्षाओं का सामना किया है। अमेरिकी-ज़ायोनी 12 और 40 दिवसीय थोपे गए युद्धों तथा दिसंबर 1404 के तख्तापलट के अनुभव ने साबित कर दिया कि आज का युद्ध का मैदान केवल मिसाइलों की अग्रिम पंक्ति नहीं है; सड़क, लोगों का मन और सामाजिक सहनशीलता टकराव का मुख्य मैदान है।

 

12-दिवसीय युद्ध में, दुश्मन ने गणनात्मक गलती के साथ आत्मसमर्पण और विभाजन की तलाश की थी, लेकिन फ़राजा की आंतरिक परिदृश्य की निगरानी में सतर्कता ने, बसीज-ए-मुस्तज़फ़ीन की जन-भागीदारी और अन्य सुरक्षा तथा खुफिया संस्थानों के सहयोग का उपयोग करते हुए, साजिश को विफल कर दिया। 18 और 19 दी को, तख्तापलट करने वालों और विदेशी एजेंसियों से संबद्ध सशस्त्र तत्वों ने गवर्नर कार्यालयों और पुलिस केंद्रों पर हमला किया; लेकिन फ़राजा ने बुद्धिमत्ता, बलिदान और अनुकरणीय दृढ़ता के साथ, सार्वजनिक व्यवस्था और मोहल्लों की स्थिरता में राष्ट्रीय सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति को स्थापित किया।

 

इस गंभीर और जोखिम भरे मैदान में कुछ उपलब्धियों की याद दिलाना, फ़राजा के संघर्षों की भव्यता को दर्शाता है: उपद्रव में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी, 85 प्रतिशत से अधिक चिह्नित गुंडों की गिरफ्तारी और संज्ञानात्मक युद्ध में हज़ारों सक्रिय चिह्नों को अवरुद्ध करना... यह इस वास्तविकता को व्यक्त करता है कि 40-दिवसीय युद्ध और उसके बाद के संघर्षों में आज तक की जीत आंतरिक सुरक्षा के बिना संभव नहीं थी और फ़राजा ने अपनी निरंतर और मजबूत उपस्थिति से जनता के विश्वास की दीवार को बनाए रखा।

 

निस्संदेह, ऐसी स्थितियों में जहाँ मैदान में हारा हुआ दुश्मन आज संज्ञानात्मक युद्ध पर केंद्रित है, फ़राजा न केवल कानून का प्रवर्तक है, बल्कि अंतर्दृष्टि बढ़ाने और सामाजिक पूंजी की रक्षा का ढाल भी है। इस्लामी मातृभूमि के विस्तार में ईरान के मबऊस राष्ट्र की 210 से अधिक रातों की महाकाव्य-रचना में इसके शानदार प्रदर्शन ने जन-आधारित सुरक्षा का एक मॉडल दर्ज किया।

 

मैं, 12 और 40 दिवसीय युद्धों तथा दिसंबर के अमेरिकी-ज़ायोनी तख्तापलट में फ़राजा के शहीदों की स्मृति और नाम को श्रद्धांजलि देते हुए तथा देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए, इन शुभ दिनों की बधाई देता हूँ, और इस कमान के कमांडरों तथा कर्मचारियों से, जो कठोर, नरम और संज्ञानात्मक युद्ध के चौराहे पर खड़े हैं, हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ तथा फ़राजा के एक-एक मुजाहिद की सफलता और गौरव की निरंतरता की कामना करते हुए जोर देता हूँ कि क्रांति के महान वास्तुकार और उम्मत के शहीद नेता की सोच तथा बौद्धिक विरासत और सर्वोच्च कमांडर-इन-चीफ इमाम सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई की बुद्धिमत्ता की छाया में क्रांति के स्तर के, पेशेवर और आधुनिक पुलिस की रणनीति की निरंतरता, आज के महान ऐतिहासिक मोड़ से गुज़रने की गारंटी है। mm

 

ईरान के सशस्त्र बलों के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख और ख़ातम-अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर

 

सरलश्कर पासदार पायलट अली अब्दुल्लाही