पेज़ेश्कियान: बातचीत के दावे के साथ-साथ हमला और प्रतिबंध धोखाधड़ी है
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पार्सटुडे – ईरान के राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ़ अमेरिकी कार्रवाइयों का ज़िक्र करते हुए कहा कि बातचीत के दावे के साथ-साथ हमला और प्रतिबंध धोखाधड़ी का उदाहरण है।
(last modified 2026-10-07T06:02:53+00:00 )
Oct ०६, २०२६ १६:२५ Asia/Kolkata
  • मसूद पेज़ेश्कियान, इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति, आर्मेनिया के विदेश मंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री
    मसूद पेज़ेश्कियान, इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति, आर्मेनिया के विदेश मंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री "अरारात मिर्ज़ोयान" के साथ बैठक में

पार्सटुडे – ईरान के राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ़ अमेरिकी कार्रवाइयों का ज़िक्र करते हुए कहा कि बातचीत के दावे के साथ-साथ हमला और प्रतिबंध धोखाधड़ी का उदाहरण है।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोमवार को आर्मेनिया के विदेश मंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री "अरारात मिर्ज़ोयान" के साथ एक बैठक में दोनों देशों के बीच बहुत अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंधों का ज़िक्र करते हुए आशा व्यक्त की कि ये संबंध सभी क्षेत्रों में पहले से अधिक विस्तारित होंगे।

 

ईरान के राष्ट्रपति ने ईरान में आर्मेनियाई लोगों के बहुत अच्छे इतिहास का ज़िक्र करते हुए कहा कि ईरान में आर्मेनियाई लोग हमेशा अच्छे नाम और ईमानदार लोगों के रूप में जाने जाते हैं और यह अच्छा इतिहास दोनों राष्ट्रों के संबंधों की मूल्यवान पूंजी है।

 

पेज़ेश्कियान ने अपनी बातों के एक अन्य हिस्से में क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों और वर्तमान संवेदनशील परिस्थितियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ हमारी समस्या यह है कि हर बार हम बातचीत की मेज़ पर आते हैं तुरंत हम पर युद्ध थोप दिया जाता है। अब तक तीन बार बातचीत के बाद उन्होंने हम पर हमला किया है और यह दिखाता है कि वे बातचीत नहीं चाहते बल्कि उनका लक्ष्य इस्लामिक गणराज्य ईरान की व्यवस्था को गिराना है।

 

उन्होंने कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान ने परमाणु गतिविधियों के क्षेत्र में कई बार अपनी ईमानदारी साबित की है और दुनिया में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की सबसे अधिक निगरानी हमारे देश पर रही है; फिर भी अमेरिका ने झूठे दावों के साथ ईरान पर दबाव डाला है।

 

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में घोषणा की थी कि हम परमाणु गतिविधियों के क्षेत्र में बातचीत और सत्यापन के लिए तैयार हैं, लेकिन समस्या यह है कि हर बार निरीक्षक ईरान आए हैं, हमारे परमाणु केंद्रों और वैज्ञानिकों की पहचान की गई और उसके बाद इन केंद्रों पर बमबारी की गई और हमारे वैज्ञानिकों की हत्या की गई। किस तर्क से हमारे वैज्ञानिक और विश्वविद्यालय केंद्रों पर बमबारी की जानी चाहिए? यह ऐसे समय में है जब अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के अनुसार उन्हें एजेंसी की निगरानी में परमाणु केंद्रों पर हमला करने का अधिकार नहीं है।

 

पेज़ेश्कियान ने ईरान पर हमले में अमेरिका की आपराधिक कार्रवाइयों और फिर बातचीत के दावे को उनकी धोखाधड़ी के उदाहरण बताया और स्पष्ट किया कि वे जवाब नहीं देते कि किस अपराध के लिए उन्होंने मीनाब के 168 मासूम बच्चों को शहीद किया और उन्हें शर्म नहीं आती तथा वे अभी भी मानवाधिकारों का दावा करते हैं। जो दुनिया सभ्यता का दावा करती है लेकिन व्यवहार में जंगली हो गई है, वह आज हमारी समस्या है।

 

ईरान के राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर देते हुए कि उनकी कोई भी कार्रवाई और व्यवहार ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नहीं है, कहा कि ऐसे दुश्मन के साथ जो हर दिन हत्या, प्रतिबंध, दबाव और धमकी देता है और संधि तोड़ने वाला है, बातचीत का कोई अर्थ नहीं है और हमारा राष्ट्र भी ऐसा दृष्टिकोण स्वीकार नहीं करता।

 

आर्मेनिया के विदेश मंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री ने भी इस बैठक में इस बात पर जोर देते हुए कि ईरान और आर्मेनिया की मित्रता और संबंध दिन-ब-दिन मजबूत हो रहे हैं, कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी दोनों देशों का सहयोग अच्छी तरह जारी है और प्रतिबंधों के बावजूद हम ईरान के साथ अपनी बातचीत को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

 

उन्होंने आर्मेनिया के शांतिप्रिय दृष्टिकोण पर जोर देते हुए यह भी कहा कि आर्मेनिया एक शांतिप्रिय देश है और शांति की प्राप्ति का लक्ष्य रखता है; एक ऐसा मार्ग जो निस्संदेह आसान नहीं है।

 

आर्मेनिया के विदेश मंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री ने अंत में कहा कि हम निर्धारित मार्ग के ढाँचे में दोनों देशों के सहयोग को पहले से अधिक विकसित करने का प्रयास करेंगे। mm