हिम्मती: ईरान की अर्थव्यवस्था के पतन का दावा महज़ एक भ्रम है
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पार्स टुडे के अनुसार ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वार्षिक बैठक में कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था के पतन का दावा महज़ एक भ्रम है।
(last modified 2026-10-15T06:41:24+00:00 )
Oct १५, २०२६ १२:०९ Asia/Kolkata
  • ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुन्नासिर हिम्मती
    ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुन्नासिर हिम्मती

पार्स टुडे के अनुसार ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वार्षिक बैठक में कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था के पतन का दावा महज़ एक भ्रम है।

ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार अब्दुन्नासिर हिम्मती ने बुधवार को बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बैठक में अपने संबोधन के दौरान ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल के युद्ध तथा अमेरिका द्वारा लगाए गए अधिकतम प्रतिबंधों और आर्थिक दबावों का उल्लेख किया।

 

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन तमाम दबावों के बावजूद ईरान की अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय सहनशीलता दिखाई है और इसके पतन का दावा महज़ एक भ्रम है।

 

हिम्मती ने कहा कि अमेरिकी आर्थिक दबावों और प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के केंद्रीय बैंक ने देश की बुनियादी ज़रूरतों और दवाओं के लिए विदेशी मुद्रा उपलब्ध कराने तथा मुद्रास्फीति की तेज़ रफ्तार को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली है।

 

उन्होंने आगे कहा कि ईरान मौद्रिक अनुशासन बनाए रखने, नीतिगत ढाँचों को मज़बूत करने और व्यापक आर्थिक असंतुलनों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों का मूल्यांकन करते समय बाहरी झटकों और वित्तीय सीमाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि ये नीतियाँ बनाने की गुंजाइश और उनकी प्रभावशीलता को सीमित करती हैं।

 

ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियों के जारी रहने से ऊर्जा बाज़ारों, परिवहन, व्यापार और निवेश पर असर पड़ता रहेगा।

 

उन्होंने कहा कि स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए देशों की संप्रभुता और उनकी जायज़ सुरक्षा चिंताओं का सम्मान करना आवश्यक है। इसके साथ ही पारस्परिक ज़िम्मेदारी और साझा हितों के आधार पर सहयोग भी ज़रूरी है।

 

हिम्मती के अनुसार इन घटनाक्रमों के मद्देनज़र अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को अपनी ज़िम्मेदारियों के अनुरूप अधिक स्पष्ट और सक्रिय प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इन ज़िम्मेदारियों में अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को मज़बूत करना और अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली के प्रभावी संचालन की निगरानी करना शामिल है।

 

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष अपनी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय निगरानी गतिविधियों के दौरान युद्ध, प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय भुगतान संबंधी पाबंदियों के आर्थिक प्रभावों की भी उतनी ही गंभीरता से जाँच करेगा जितनी गंभीरता से वह देशों की घरेलू नीतियों का मूल्यांकन करता है।

 

उन्होंने कहा कि इस ज़िम्मेदारी को निभाने के लिए सभी सदस्य देशों पर समान मानदंड लागू करते हुए विश्लेषण करना और इन प्रभावों को कम करने के आवश्यक उपायों पर सदस्य देशों के बीच सक्रिय संवाद सुनिश्चित करना ज़रूरी है। mm