विश्लेषण | फ़ार्स की खाड़ी में प्रौद्योगिकी निवेशकों को ईरान की सुरक्षा चेतावनी
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i147978-विश्लेषण_फ़ार्स_की_खाड़ी_में_प्रौद्योगिकी_निवेशकों_को_ईरान_की_सुरक्षा_चेतावनी
पार्स टुडे – ईरान की इस्लामी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़ ने क्षेत्र की सरकारों को संबोधित एक संदेश में चेतावनी दी कि यदि उन्होंने ऐसी AI कंपनियों को सुविधाएँ आवंटित कीं जो "हमारे बच्चों की हत्या में भागीदार हैं", तो उन्हें ईरान की प्रतिक्रिया और "विनाशकारी कार्रवाई" का सामना करना पड़ेगा।
(last modified 2026-10-19T09:39:19+00:00 )
Oct १९, २०२६ १५:०५ Asia/Kolkata
  • मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़, ईरान की इस्लामी संसद के अध्यक्ष
    मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़, ईरान की इस्लामी संसद के अध्यक्ष

पार्स टुडे – ईरान की इस्लामी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़ ने क्षेत्र की सरकारों को संबोधित एक संदेश में चेतावनी दी कि यदि उन्होंने ऐसी AI कंपनियों को सुविधाएँ आवंटित कीं जो "हमारे बच्चों की हत्या में भागीदार हैं", तो उन्हें ईरान की प्रतिक्रिया और "विनाशकारी कार्रवाई" का सामना करना पड़ेगा।

पार्स टुडे के अनुसार ईरान की इस्लामी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़ ने एक्स नेटवर्क पर प्रकाशित एक संदेश में, यह उल्लेख करते हुए कि "फ़ार्स की खाड़ी डेटा प्रबंधन संस्था आ रही है", सरकारों, निवेश कोषों और क्षेत्र की कंपनियों से मांग की कि वे "ऐसी AI या डेटा कंपनियों को कोई संसाधन उपलब्ध न करें जो सैन्य आक्रमणों में सहायता करती हैं या बच्चों की हत्या में हाथ रखती हैं" और स्पष्ट रूप से ज़ोर दिया: "न वित्तपोषण, न शेयर, न भूमि, न ऊर्जा" और "जो भी उनकी सहायता करेगा, उसे हमारी विध्वंसक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा"।

 

क़ालीबाफ़ की चेतावनी को एक सामान्य राजनयिक रुख़ नहीं माना जा सकता; बल्कि यह ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के विरुद्ध ख़तरे की प्रकृति में एक रणनीतिक बदलाव का प्रतिबिंब है। ग़ज़ा युद्ध ने दिखाया कि AI एक सहायक प्रौद्योगिकी से एक परिचालन हथियार में बदल गई है। अनेक रिपोर्टों और वृत्तचित्रों, जिनमें वृत्तचित्र "NAZA" भी शामिल है, ने उन व्यक्तियों की पहचान और निशाना बनाने में AI प्रणालियों की भूमिका के विवरण उजागर किए हैं जिन पर बाद में बमबारी की गई। फ़िल्म में प्रस्तुत बयान दर्शाते हैं कि कैसे ग़ज़ा के दूरसंचार नेटवर्क की "सामूहिक निगरानी" को "AI प्रौद्योगिकी" के साथ जोड़कर ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई जिन्हें मारा जाना था।

 

उनमें से बच्चों के अपने पिताओं के साथ बातचीत सुनने के लिए मोबाइल फ़ोन डेटा को इंटरसेप्ट करना और इस डेटा को "लक्ष्य" में बदलना शामिल है। ईरान की दृष्टि से इसका अर्थ है कि डेटा और AI बुनियादी ढाँचा प्रदान करने वाली कंपनियाँ अब "ग़ैर-सैन्य" या "तटस्थ" नहीं हैं बल्कि नागरिकों की हत्या की शृंखला में और क़ालीबाफ़ के शब्दों में बच्चों में भूमिका निभाती हैं।

 

इसी ढाँचे में क्षेत्र के देश पिछले कुछ वर्षों में तेल पूँजी को डेटा बुनियादी ढाँचे, क्लाउड प्रोसेसिंग केंद्रों और AI कंप्यूटिंग क्षमता में बदल रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने इस क्षेत्र में बड़े निवेश का संकल्प लिया है और सऊदी अरब ने भी अपने डेटा केंद्रों की क्षमता कई गुना बढ़ाई है। इन बुनियादी ढाँचों का एक हिस्सा इज़राइली या अमेरिकी कंपनियों से जुड़ा हुआ है।

 

इस संबंध में महत्वपूर्ण मामलों में से एक संयुक्त अरब अमीरात के समूह "जी42" का ज़ायोनी शासन की कंपनी राफ़ेल के साथ AI और बिग डेटा समाधानों के विकास के लिए संयुक्त सहयोग है। क़ालीबाफ़ की चेतावनी ठीक इसी जुड़ाव बिंदु की ओर संकेत करती है: क्षेत्रीय धन, भूमि, ऊर्जा और शेयर ऐसी कंप्यूटिंग क्षमता में बदल सकते हैं जो अंततः ईरान के विरुद्ध उपयोग की जाए।

 

इस चेतावनी का पहला परिणाम क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी कंपनियों और निवेशकों की क़ानूनी और सुरक्षा ज़िम्मेदारी का अंतर्राष्ट्रीयकरण है।

 

क़ालीबाफ़ ने "वित्तपोषण, शेयर, भूमि और ऊर्जा" का नाम लेकर लक्ष्य के दायरे को स्वयं कंपनियों से पूरी आपूर्ति शृंखला तक विस्तारित कर दिया है। इसका अर्थ है कि कोई निवेश कोष या क्षेत्रीय सरकार जो सैन्य और ग़ैर-सैन्य दोहरे उपयोग वाली AI कंपनी में निवेश करती है, तेहरान की दृष्टि से उसी स्तर के ख़तरे पर मानी जाएगी। दूसरा परिणाम, क्षेत्र के प्रौद्योगिकी मोर्चे में दरार पैदा करना है। फ़ारस की खाड़ी के देश जो अपनी अर्थव्यवस्था को पश्चिमी पूँजी और प्रौद्योगिकी के आकर्षण पर आधारित पुनर्निर्मित कर रहे हैं, अब एक नई सुरक्षा समीकरण का सामना कर रहे हैं: बच्चों की हत्या में भागीदारी के आरोपित कंपनियों के साथ प्रौद्योगिकी सहयोग जारी रखना भारी सुरक्षा और बुनियादी ढाँचा लागतें ला सकता है।

 

क़ालीबाफ़ का "फ़ार्स की खाड़ी डेटा प्रबंधन संस्था" और "विध्वंसक कार्रवाई" का उल्लेख केवल एक मौखिक धमकी नहीं है; बल्कि इसे ईरान की घोषित सैन्य और सुरक्षा सिद्धांत के ढाँचे में विश्लेषित किया जा सकता है। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों, जिनमें सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रज़ाई भी शामिल हैं, ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि अमेरिका या ज़ायोनी शासन के नए हमले की स्थिति में, क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े समुद्री इंटरनेट केबल, डेटा केंद्र और AI प्रतिष्ठान जिनका मूल्य दो ट्रिलियन डॉलर से अधिक है — को निशाना बनाया जाएगा। रज़ाई ने कहा है कि यदि युद्ध शुरू होता है, तो इनमें से अनेक केबल, डेटा केंद्र और AI प्रतिष्ठान नष्ट हो जाएँगे। इस धमकी का परिचालन इतिहास भी है; रिपोर्टें संकेत देती हैं कि मार्च 2026 में, ईरानी ड्रोनों ने संयुक्त अरब अमीरात में अमेज़न के दो डेटा केंद्रों को निशाना बनाया और बहरीन में एक प्रतिष्ठान विस्फोट के कारण क्षतिग्रस्त हुआ।

 

रणनीतिक स्तर पर ईरान की प्रतिक्रिया में उच्च संभावना के साथ बहुस्तरीय और व्यापक होगी। तेहरान की रणनीति अगले युद्ध में तीन अक्षों पर आधारित है: युद्ध के दायरे का भौगोलिक विस्तार, उसकी अवधि को लंबा करना, और उसकी क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लागतों तथा परिणामों को बढ़ाना। इसका अर्थ है कि ईरान केवल अमेरिका या ज़ायोनी शासन के सैन्य अड्डों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वाशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों के महत्वपूर्ण आर्थिक और प्रौद्योगिकी बुनियादी ढाँचों को भी ख़तरे में डालेगा। ईरान के विदेश उपमंत्री सईद ख़तीबज़ादे ने इस संबंध में कहा: यदि कोई और युद्ध हुआ तो हम न केवल आक्रमणकारियों को दंडित करेंगे बल्कि समीकरण भी बदल देंगे ताकि स्थिति इन घटनाओं से पहले की स्थितियों में वापस न लौटे।

 

इसलिए क़ालीबाफ़ की चेतावनी को एक प्रौद्योगिकी प्रतिरोधक क्षमता की रणनीति के ढाँचे में समझना चाहिए: तेहरान अमेरिका और इज़राइल की ओर से हमले से पहले नई लाल रेखाएँ खींच रहा है ताकि अमेरिका और ज़ायोनी शासन की युद्ध मशीन से जुड़े AI बुनियादी ढाँचे के साथ क्षेत्रीय सहयोग की लागत बढ़े। यदि इस चेतावनी को नज़रअंदाज़ किया गया तो घोषित दमनकारी कार्रवाई डेटा केंद्रों पर साइबर और ड्रोन हमलों से लेकर समुद्री केबलों को निशाना बनाने और क्षेत्र की डिजिटल अर्थव्यवस्था में व्यवधान पैदा करने तक हो सकती है; ऐसा परिदृश्य जो पूरे फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा संरचना को एक नए और अभूतपूर्व चरण में प्रवेश करा सकता है। mm