ईरान के विरुद्ध युद्ध के अमेरिकी लोगों पर आर्थिक परिणाम
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पार्स टुडे – ईरान के विरुद्ध अमेरिकी युद्ध के परिणामस्वरूप ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने वस्तुओं के उत्पादन और परिवहन की लागत बढ़ा दी है और खाद्य पदार्थों तथा अन्य उत्पादों की कीमतों में और वृद्धि के बारे में चिंताओं को तेज़ कर दिया है।
(last modified 2026-10-19T04:49:54+00:00 )
Oct १९, २०२६ १०:१८ Asia/Kolkata
  • ईरान के विरुद्ध युद्ध के अमेरिकी लोगों पर आर्थिक परिणाम
    ईरान के विरुद्ध युद्ध के अमेरिकी लोगों पर आर्थिक परिणाम

पार्स टुडे – ईरान के विरुद्ध अमेरिकी युद्ध के परिणामस्वरूप ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने वस्तुओं के उत्पादन और परिवहन की लागत बढ़ा दी है और खाद्य पदार्थों तथा अन्य उत्पादों की कीमतों में और वृद्धि के बारे में चिंताओं को तेज़ कर दिया है।

पार्स टुडे के अनुसार ईरान के विरुद्ध अमेरिकी युद्ध शुरू होने के सात महीने से अधिक समय बाद, ईंधन की कीमतों में तीव्र वृद्धि ने गाड़ी चलाने, हवाई यात्रा और माल परिवहन की लागत बढ़ा दी है और मध्यावधि चुनावों की पूर्व संध्या पर अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक दबाव तेज़ कर दिया है।

 

संस्थान "मूडीज़ एनालिटिक्स" के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क ज़ांडी ने अनुमान लगाया है कि युद्ध ने अब तक प्रत्येक अमेरिकी परिवार को लगभग 2,000 डॉलर का ख़र्च डाला है; जिसमें 1,100 डॉलर ऊर्जा लागत में वृद्धि, 540 डॉलर ब्याज दरों के कारण लागत में वृद्धि और 360 डॉलर सैन्य ख़र्च शामिल है। उनके अनुसार ईंधन की वर्तमान कीमतों पर ऊर्जा लागत हर सप्ताह 50 डॉलर और बढ़ रही है।

 

ईंधन और हवाई टिकट की कीमतों में वृद्धि

 

अमेरिकी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन की घोषणा के अनुसार युद्ध से पहले सामान्य पेट्रोल की औसत कीमत 2.98 डॉलर प्रति गैलन और डीज़ल 3.76 डॉलर थी। शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत 4.33 डॉलर तक पहुँच गई, जो युद्ध-पूर्व स्तर से 45 प्रतिशत अधिक है। डीज़ल की कीमत भी 68 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6.33 डॉलर तक पहुँच गई। डीज़ल की महँगाई वस्तुओं के परिवहन की लागत बढ़ाती है और महँगाई को हवा देती है।

 

विमान ईंधन की कीमत भी युद्ध से पहले 99 डॉलर प्रति बैरल से अप्रैल में 209 डॉलर तक बढ़ गई और सितंबर में लगभग 195 डॉलर तक पहुँच गई। एयरलाइन कंपनियों ने लागत बढ़ने के जवाब में टिकट की कीमतें और अतिरिक्त शुल्क बढ़ा दिए हैं और कुछ उड़ानें रद्द कर दी हैं। सितंबर में हवाई टिकट की कीमत पिछले वर्ष की इसी अवधि से लगभग 22 प्रतिशत अधिक थी।

 

खाद्य पदार्थों और वस्तुओं की कीमतों पर दबाव

 

अमेरिकी कृषि मंत्रालय ने इस वर्ष खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का अनुमान 1.7 से 2.4 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। ईंधन, उर्वरक, शीतलन भंडारण और परिवहन की लागत में वृद्धि कीमतों पर दबाव डालने वाले कारक हैं। फिर भी, यह स्पष्ट नहीं है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में कितनी वृद्धि सीधे युद्ध से संबंधित है; क्योंकि टैरिफ़, मौसम की स्थिति और श्रम लागत भी प्रभाव डालते हैं।

 

सितंबर में खाद्य पदार्थों की कीमत पाँच वर्ष पहले से लगभग 22 प्रतिशत अधिक थी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ताज़े फल और सब्ज़ियाँ परिवहन और भंडारण लागत के कारण अधिक तेज़ी से महँगी हो सकती हैं।

 

साथ ही सितंबर में कंपनियों द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं की परिवहन और भंडारण सेवाओं की लागत पिछले वर्ष की तुलना में 10.2 प्रतिशत बढ़ गई। परिवहन कंपनियाँ भी अतिरिक्त ईंधन शुल्क ले रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेल की कीमतें घटने के बावजूद वर्ष के अंत की छुट्टियों में मांग में वृद्धि और माल परिवहन क्षमता की सीमाएँ खेप भेजने की लागत को ऊँचा बनाए रख सकती हैं। mm