ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की ओर से ग़ैर परमाणु पाबंदियां
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ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियों के योजनाकार मार्क ड्यूबोविट्ज़ ने जो फ़ाउंडेशन फ़ॉर डिफ़ेन्स ऑफ़ डेमोक्रेसीज़ संस्था के प्रमुख भी हैं, कहा है कि अगली अमरीकी सरकार को ईरान के ख़िलाफ़ मानवाधिकार और क्षेत्रीय गतिविधियों के क्षेत्र में पाबंदिया बढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul ०२, २०१६ १४:५२ Asia/Kolkata

ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियों के योजनाकार मार्क ड्यूबोविट्ज़ ने जो फ़ाउंडेशन फ़ॉर डिफ़ेन्स ऑफ़ डेमोक्रेसीज़ संस्था के प्रमुख भी हैं, कहा है कि अगली अमरीकी सरकार को ईरान के ख़िलाफ़ मानवाधिकार और क्षेत्रीय गतिविधियों के क्षेत्र में पाबंदिया बढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए।

मार्क ड्यूबोविट्ज़ ने तेल अबिब में शुक्रवार को एक बैठक में यह बात कही जिसका शीर्षक था ईरान के परमाणु समझौते के एक साल बाद, परमाणु, आर्थिक व क्षेत्रीय नतीजे।

मार्क ड्यूबोविट्ज़ ने ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियां तेज़ करने से संबंधित यह बयान ऐसी स्थिति में दिया कि लगभग 5 साल पहले उन्होंने सैन फ़्रान्सिस्को इग्ज़ैमिनर पत्रिका के साथ इंटर्व्यू में उन्होंने कहा था कि दुनिया के देश पश्चिम की ओर से पाबंदियों को अहमियत नहीं दे रहे हैं  और तेहरान के साथ अपना संबंध जारी रखे हुए हैं। मार्क ड्यूबोविट्ज़ ने यह कहा था कि ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियों का असर नहीं हुआ है।

मार्क ड्यूबोविट्ज़ का ताज़ा बयान यह दर्शाता है कि अमरीका  जेसीपीओए को पूरी तरह लागू न करने की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। अमरीका की इस प्रकार की नीति का ईरान के विदेश नीति तंत्र की ओर से बारंबार विरोध हो चुका है लेकिन हर बार अमरीकी अधिकारी यह औचित्य पेश करते हुए कि अमरीका में वित्तीय क़ानून में विशेष प्रकार की जटिलताएं हैं, पाबंदियों के हटने के बाद, स्थिति के सामान्य होने का आश्वासन देते हैं किन्तु अमल में विभिन्न बहानों से पाबंदियों को बाक़ी रखने की दिशा में क़दम उठाते हैं।

यह विषय अब अमरीका में राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों के चुनावी प्रचार का हिस्सा बन गया है। अमरीका में प्रभावी ज़ायोनी लॉबी भी इस विषय को विशेष रूप से हवा दे रही हैं। हालांकि अमरीका जेसीपीओए के लागू होने के संबंध में अपने व्यवहार के प्रति जवाबदेह है क्योंकि जेसीपीओए के लागू होने की अनिवार्यता, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर आधारित है। (MAQ/T)