परमाणु समझौते में स्वाभिमान पर आंच नहीं आने दीः ज़रीफ़
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विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि पश्चिम के साथ परमाणु समझौते के दौरान ईरान ने स्वाभिमान के साथ व्यवहार किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug १३, २०१६ ११:५६ Asia/Kolkata
  • परमाणु समझौते में स्वाभिमान पर आंच नहीं आने दीः ज़रीफ़

विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि पश्चिम के साथ परमाणु समझौते के दौरान ईरान ने स्वाभिमान के साथ व्यवहार किया है।

ईरानी विदेश मंत्री ने शनिवार को तेहरान में शहीद व राष्ट्र को समर्पित बलिदानियों के मामलों के संगठन के अधिकारियों के समारोह में कहा कि पिछले तीन दशक में ईरान ने क्षेत्र में बहुत अधिक शक्ति हासिल की है और इस शक्ति को हासिल करने में उसे बहुत ज़्यादा दबाव सहन करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस शक्ति की एक मिसाल क्षेत्र में जनता व प्रतिरोध को ईरान की ओर से मिलने वाला समर्थन है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि किसी ने दुनिया में यह दावा नहीं किया कि परमाणु समझौते की प्रक्रिया के दौरान इस्लामी गणतंत्र ईरान का व्यवहार स्वाभिमानी नहीं था, कहा कि दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के मूल निवासियों के गुटों के साथ ईरान के अच्छे संबंध हैं और इसका अर्थ हस्तक्षेप नहीं बल्कि प्रतिरोध का समर्थन है।

 

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के कुछ देशों ने क्षेत्र में ईरान की पैठ को रोकने के ख़याल से परमाणु मामले को बहाना बनाया और पश्चिमी देशों ने इस बात के बावजूद कि वरिष्ठ नेता ने ईरान के कभी भी परमाणु हथियार न बनाने पर आधारित फ़त्वा दिया था, परमाणु विषय को बहाना बनाया ताकि ईरान की स्ट्रैटिजिक क्षमता को निशाना बनाएं। उन्होंने बल दिया कि पश्चिम ने ईरान के साथ परमणु वार्ता में किसी के साथ कोई कृपा नहीं की है और ईरान ने भी संघर्ष के ज़रिए अपना अधिकार हासिल किया है। ज़रीफ़ ने कहा कि ईरान इस वास्तविकता के साथ पश्चिम के साथ परमाणु बातचीत में शामिल हुआ कि पाबंदियों व दबावों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं था।

 

उन्होंने बल दिया कि ईरानी जनता के प्रतिरोध से संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव लागू नहीं हो पाया और सामने वाले पक्ष के साथ ईरान का परमाणु समझौता भी उस निराशा का नतीजा है जो सामने वाले पक्ष को ईरान के ख़िलाफ़ दूसरे हथकंडों की नाकामी के संबंध में थी। (MAQ/N)