ईरान से संबंधों के बारे में कुवैत का नया रुख़
कुवैत के संसद सभापति ने ईरान के साथ द्विपक्षीय संबंधों में विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया है।
यह ख़बर, क्षेत्र में सऊदी अरब द्वारा फैलाए जा रहे ईरानोफ़ोबिया के वातावरण में कुछ भिन्न प्रतीत होती है। मरज़ूक़ अली अलग़ानिम ने एक साक्षात्कार में इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान व फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद एक दूसरे के सहभागी हैं, कहा कि कुवैत और इस परिषद के अन्य सदस्यों के संबंध मज़बूत बनाने का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय परिवर्तनों में ईरान की अहम भूमिका की ओर संकेत करते हुए कहा कि कुवैत और फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देश सदैव ही क्षेत्र में शांति व स्थिरता की मज़बूती और ईरान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों का स्वागत करते हैं।
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि फ़ार्स की खाड़ी के सभी तटवर्ती देशों के संयुक्त हित हैं लेकिन केवल इस बात को मानना ही काफ़ी नहीं है बल्कि जो चीज़ अहम है वे सऊदी अरब जैसी फूट डालने वाली कार्यवाहियों से दूर रहते हुए इस संबंध में व्यवहारिक क़दम उठाना है। अब सऊदी अरब की नीतियां क्षेत्र के अधिकांश देशों के लिए स्पष्ट हो चुकी हैं। संभव है कि फ़ार्स की खाड़ी में ईरान के पड़ोसी देश कुछ कारणों से सऊदी अरब से अपने मतभेदों के बारे में बात न करें लेकिन सऊदी अरब के तर्कहीन व्यवहार पर उनकी चिंताएं पूरी तरह से स्पष्ट हैं। कुवैत के संसद सभापति का बयान और क्षेत्र में शांति व स्थिरता का वातावरण स्थापित करने और ईरान के साथ सहयोग व अच्छे पड़ोसियों जैसे संबंधों में रुचि प्रकट किए जाने को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। (HN)