आर्थिक कूटनीति, ज़रीफ़ की लैटिन अमरीका की यात्रा का लक्ष्य
आर्थिक व राजनैतिक संबंधों में विस्तार के उद्देश्य से ईरान के विदेश मंत्री लैटिन अमरीका के छः देशों की अपनी यात्रा के क्रम में गुरुवार को चिली पहुंचे।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ की इस यात्रा के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं जिनमें से एक आर्थिक संबंधों के विस्तार के लिए वार्ता व विचार विमर्श है। विदेश मंत्री ने एक सम्मेलन में कहा कि लैटिन अमरीका की उनकी इस यात्रा में एक बड़े आर्थिक शिष्ट मंडल की मौजूदगी इस बात की परिचायक है कि ईरान लैटिन अमरीका के देशों के साथ अपने आर्थिक व व्यापारिक संबंधों को कितना महत्व देता है।
विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपनी अफ़्रीक़ा की यात्रा के बाद लैटिन अमरीका के छः अहम देशों का दौरा किया है जिससे पता चलता है कि ईरान इन देशों से संतुलित आर्थिक संबंधों के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। परमाणु समझौते को लगभग एक साल का समय हो रहा और इस दौरान यूरोप, एशिया, अफ़्रीक़ा व क्षेत्रीय देशों के अनेक आर्थिक व व्यापारिक शिष्टमंडल तेहरान की यात्रा कर चुके हैं। इन सभी देशों के साथ व्यापार व पूंजी निवेश के क्षेत्र में उचित समझौते हुए हैं जो आर्थिक संबंधों के विस्तार में ईरान की रुचि को दर्शाते हैं।
ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को राष्ट्रपति और मंत्री मंडल के सदस्यों से मुलाक़ात में कहा कि प्रतिरोधक अर्थव्यवस्था के क्रियान्वयन में देश की पूरी क्षमता कृषि व उद्योग के क्षेत्रों में लगाई जानी चाहिए और आर्थिक प्रगति के लिए कूटनैतिक क्षमता का भी भरपूर प्रयोग किया जाना चहिए। इस समय ईरान की आर्थिक कूटनीति, संतुलित विकास की पटरी पर चल पड़ी है। इस मार्ग में यूरोपीय संघ, रूस, चीन और भारत, जापान और दक्षिणी कोरिया जैसे बड़े देश भी ईरान का साथ दे रहे हैं। ईरान की उचित भौगोलिक स्थिति और बेजोड़ क्षमताएं, आर्थिक सहयोग में वृद्धि के लिए पुल का काम रही हैं और ईरान आर्थिक विकास के मार्ग पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। (HN)