कोई भी देश परमाणु समझौते को नहीं रौंद सकताः रूहानी
राष्ट्रपति ने बल देकर कहा है कि कोई भी देश या राष्ट्रपति ईरान व गुट पांच धन एक तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के बीच होने वाले परमाणु समझौते को रौंद नहीं सकता।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने अमरीका के एन.बी.सी. टीवी चैनल से बात करते हुए ईरान के साथ अन्य देशों के बैंकों और आर्थिक संस्थाओं के साथ लेन-देन व सहयोग के मार्ग में अमरीकी वित्त मंत्रालय की ओर से रुकावटें डाले जाने की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान, आठ साल बाद परमाणु समझौते के क्रियान्वयन का समय बीत जाने के बाद भी परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं रखता। उन्होंने परमाणु समझौते के आलोचकों विशेष कर अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनल्ड ट्रम्प के उस बयान को रद्द किया जिसमें ट्रंप ने परमाणु समझौते को एक ख़तरनाक समझौता और संभावित रूप से परमाणु होलोकाॅस्ट का नाम दिया था। डाक्टर रूहानी ने कहा कि इस समझौते पर सात देशों और संयुक्त राष्ट्र संघ ने हस्ताक्षर किए हैं और परमाणु ऊर्जा की अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी की देख-रेख में इसे लागू किया जा रहा है।
राष्ट्रपति डाॅक्टर हसन रूहानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि चुनावी प्रत्याशी जिस विषय को भी चाहे अपने चुनावी प्रचार के लिए प्रयोग कर सकते हैं लेकिन कोई भी इस समझौते को अस्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने इसी तरह सीरिया संकट की समाप्ति के लिए एक राजनैतिक समाधान खोजे जाने की ज़रूरत पर बल दिया और कहा कि सीरिया का गृह युद्ध, लड़ाई से नहीं बल्कि राजनैतिक प्रयासों से समाप्त हो सकता है। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि सीरिया की सरकार के बारे में फ़ैसला इस देश की जनता को चुनाव द्वारा करना चाहिए और वास्तविक मानदंड जनता का मत और उसकी इच्छा है। (HN)