अमरीका अब भी संकट फैलाने के प्रयास में
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i26593-अमरीका_अब_भी_संकट_फैलाने_के_प्रयास_में
अमरीका, क्षेत्र में संकट उत्पन्न करने के साथ ही उसका आरोप दूसरों पर मढ़ रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct २०, २०१६ १२:१९ Asia/Kolkata

अमरीका, क्षेत्र में संकट उत्पन्न करने के साथ ही उसका आरोप दूसरों पर मढ़ रहा है।

अमरीका क्षेत्र के लिए संकट उत्पन्न कर रहा है किंतु उसका आरोप दूसरे देशों पर मढ़कर उनपर अन्य देशों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा रहा है।

एक अमरीकी जनरल जोसेप वोटेल ने दावा किया है कि यमन के तटवर्ती क्षेत्र पर एक अमरीकी जहाज़ पर हमले में ईरान की भूमिका थी।  पहले इसका आरोप यमन के अंसारुल्लाह पर लगाया गया था।  इस अमरीकी जनरल ने वाशिग्टन में अपने एक संबोधन में कहा कि इस संबन्ध में हमने जिस तकनीक का अध्ययन किया वह ईरान से संबन्धित है हांलाकि यह तकनीक केवल ईरान से विशेष नहीं है।

अमरीकी जनरल जोसेप वोटेल के इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है।  बहराम क़ासेमी ने इस बयान को संदिग्ध और निराधारा बताया है।  उन्होंने कहा कि यह बयान अमरीका की बहहवासी को दर्शाता है।

इस अमरीकी जनरल का बयान एेसी स्थिति में सामने आया है कि जब यमन युद्ध में अमरीका, सऊदी गठबंधन की परोक्ष और अपरोक्ष सहायता कर रहा है।  इसी बात के दृष्टिगत ईरानी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने अमरीकी अधिकारियों को याद दिलाया है कि वे दूसरों पर दोषारोपण के बजाए इस बात का प्रयास करें कि यमन पर किये जाने वाले पाश्विक हमलों को रुकवाए जिसमें हज़ारों की संख्या में निर्दोष लोग मारे जा चुके हैं।

हालांकि अमरीका, यमन संकट से स्वयं को अलग-थलग दिखाने के प्रयास कर रहा है किंतु यह विषय इतना स्पष्ट है कि एेसा नहीं हो सकता कि दूसरों पर दोष मढकर स्वयं को हज़ारों बच्चों, महिलाओं और पुरूषों के जनसंहार से अलग दिखाया जाए।  यमन की जनता पिछले 18 महीनों से एेसे हमले झेल रहे हैं जो अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के बिल्कुल विपरीत हैं।  संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के अनुसार यमन पर सऊदी गठबंधन के हमलों में अबतक कम से कम 6800 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 35 हज़ार अन्य घायल हुए हैं।  वास्तविकता तो यह है कि अमरीका ही यमन युद्ध का मुख्य कारण है और वह ही सऊदी गठबंधन का सबसे बड़ा समर्थक है।