क्रांतिकारी भावना से ही देश की समस्याएं हल होंगीः वरिष्ठ नेता
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बल देकर कहा है कि क्रांतिकारी विचार व भावना, साहसिक क़दमों, दूरदर्शिता, सृजनात्मकता, भविष्य से आशा, शत्रु से न डरने और उसके समक्ष घुटने न टेकने से देश की समस्याएं हल होंगी।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को विश्व साम्राज्य से संघर्ष के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर देश के हज़ारों विद्यार्थियों और छात्रों से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में उन्होंने ख़तरनाक साज़िशों की ओर से सेचत किया कि जिनमें अमरीका के मुक़ाबले में इमाम ख़ुमैनी और राष्ट्र के प्रतिरोध की वास्तविकता में फेरबदल करने और यह बात फैलाने की कोशिश की जा रही है कि देश की समस्याओं को हल करने का एकमात्र मार्ग अमरीका से वार्ता और सांठगांठ है। उन्होंने 27 साल पहले तीन नवम्बर को ईरानी छात्रों द्वारा अमरीका के दूतावास पर नियंत्रण के बारे में कहा कि यह दिन वास्तव में उन मोमिन और क्रांतिकारी युवाओं का दिन है जिन्होंने जासूसी के अड्डे पर नियंत्रण करके शत्रु को हर प्रकार की कार्यवाही से रोक दिया।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इसी तरह अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव के दो प्रत्याशियों की बहसों की ओर संकेत करते हुए कहा कि दोनों ही प्रत्याशी इन दिनों खुलकर अमरीका के भीतर की वास्तविकताओं को सामने ला रहे हैं जिन्हें इससे पहले कुछ लोग नहीं मानते थे या मानने को तैयार नहीं थे लेकिन अब इन दोनों की बहसें अमरीका में इंसानी मान्यताओं की तबाही को दर्शा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर ईरानी राष्ट्र इमाम ख़ुमैनी के काल में अमरीका के मुक़ाबले में डट गया और आज भी अमरीका के ख़िलाफ़ नारे लगाता है और इस देश के मुक़ाबले में डटा हुआ है तो यह एक ठोस तर्क पर आधारित है। (HN)