दाइश द्वारा रासायनिक हथियारों का प्रयोग, पश्चिम जवाब दे
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रासायनिक हथियार निषेध संस्था में ईरान के प्रतिनिधि ने मंगलवार को हेग में कहा कि दाइश आतंकी संगठन और नुस्रा फ़्रंट जैसे आतंकवादी संगठनों के समर्थक देशों को चाहिए कि वह इस बात का जवाब दें कि निर्दोष लोगों के विरुद्ध रासायनिक हथियारों के प्रयोग के लिए आतंकियों के हाथ रासायनिक हथियार कैसे लगे।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Nov ३०, २०१६ १२:४५ Asia/Kolkata

रासायनिक हथियार निषेध संस्था में ईरान के प्रतिनिधि ने मंगलवार को हेग में कहा कि दाइश आतंकी संगठन और नुस्रा फ़्रंट जैसे आतंकवादी संगठनों के समर्थक देशों को चाहिए कि वह इस बात का जवाब दें कि निर्दोष लोगों के विरुद्ध रासायनिक हथियारों के प्रयोग के लिए आतंकियों के हाथ रासायनिक हथियार कैसे लगे।

ईरान के प्रतिनिधि अली रज़ा जहांगीरी ने कहा कि आतंकियों के समर्थकों को अपने अपराधों का उत्तर देना चाहिए। उन्होंने हेग में रासायनिक हथियार कन्वेन्शन के सदस्य देशों के 21वें वार्षिक सम्मेलन में भाषण देते हुए इराक़ और सीरिया में दाइश और नुस्रा फ़्रंट जैसे आतंकी संगठनों के हाथों रासायनिक हथियारों के प्रयोग की रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिन देशों ने आतंकियों की मदद की और रासायनिक हथियारों तक उनकी पहुंच को संभव बनाया उन्हें चाहिए कि बेगुनाह लोगों की मौतों का हिसाब दें।

विभिन्न समाचारिक सूत्रों ने भी रिपोर्ट दी है कि वर्ष 2014 से अब तक दाइश ने सीरिया और इराक़ में 71 बार से अधिक रासायनिक शस्त्रों का प्रयोग किया। यह एेसी स्थिति में है कि अरब और पश्चिमी सरकारें, सीरिया की सरकार पर रासायनिक हथियारों के प्रयोग का आरोप लगाने के प्रयास में हैं। सीरिया के उप विदेशमंत्री फ़ैसल मेक़दाद ने सोमवार को कहा था कि सीरिया सरकार पर रासायनिक हथियारों के प्रयोग का निरंतर आरोप बिना किसी प्रमाण के कुछ पश्चिमी हल्क़ों की ओर से पेश किया जा रहा है।

सीरिया संकट के आरंभ से ही कुछ पश्चिमी और अरब हल्क़ों की ओर से दाइश, नुस्रा फ़्रंट सहित अन्य आतंकी संगठनों की वित्तीय सामरिक सहायता होती रही है। सीरिया की सेना से युद्ध करने के लिए आतंकियों को आधुनिक हथियारों की खेप दी जाती रही हैं इनमें दाशइ और नुस्रा फ़्रंट सर्वोपरि हैं। इन आतंकी संगठनों ने सीरिया में प्रयोगशाला पर नियंत्रण के बाद इसने हमलों के लिए रासायनिक पदार्थों का उत्पादन आरंभ कर दिया।

दाइश की इन कार्यवाहियों से पता चलता है कि शिक्षित जवान, सीरिया में दाइश और नुस्रा फ़्रंट में शामिल हुए ताकि विशेष लक्ष्य के लिए काम कर सके। जानबूझकर आतंकियों के हाथों में रासायनिक हथियारों को मज़बूत करने की तकनीक देने के बारे में पश्चिम विशेषकर अमरीका को जवाब देना होगा। (AK)