विदेशमंत्रालय में ब्रिटिश राजदूत तलब
ईरान के बारे में ब्रिटिश प्रधानमंत्री थ्रेसा मे के बयान के बाद तेहरन में ब्रिटेन के राजदूत को विदेशमंत्रालय में तलब करके आपत्ति जताई गयी।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने कहा कि फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद के मनामा सम्मेलन में ब्रिटिश प्रधानमंत्री के हस्तक्षेपपूर्ण बयान के बाद तेहरान में ब्रिटेन के राजदूत को विदेशमंत्रालय में तलब करके ईरान की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गयी।
उनका कहना था कि ब्रिटिश राजदूत पर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री का बायन ग़ैर ज़िम्मेदाराना, भड़काऊ और मतभेद फैलाने वाला है जिसको किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि ब्रिटिश राजदूत से यह बात स्पष्ट रूप से कह दी गयी है कि ईरान आशा करता है कि भविष्य में ईरान के संंबंध में ब्रिटिश अधिकारियों की ओर से इस प्रकार का कोई बयान सामने नहीं आएगा।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटिश राजदूत को बताया गया कि इस प्रकार के बयान और कार्यवाहियां दोनों देशों के संबंधों के विस्तार की प्रक्रिया में रुकावट बनेंगे और दोनों देशों के संबंध पहले से अधिक ख़राब हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन पर यह स्पष्ट कर दिया गया कि ईरान की क्षेत्र के बारे में नीति शांति और स्थिरता की स्थापना और आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध पर आधारित है जबकि क्षेत्र के कुछ देशों की विदेश नीति स्पष्ट है कि वह आतंकवाद का समर्थन करते हैं और यह वह वास्तविता है जो ब्रिटिश अधिकारियों की नज़रों से भी छिपी नहीं है और यह बहुत खेद और आश्चर्य का स्थान है।
ब्रिटेन के राजदूत ने भी इस अवसर पर कहा कि हम ईरान का स्पष्ट और दो टूक संदेश ब्रिटिश प्रधानमंत्री और विदेशमंत्रालय को तुरंत पहुंचा देंगे। (AK)