हलब की आज़ादी से आतंकी और उनके समर्थक अलग थलग पड़ गए,
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि प्रतिरोधकर्ता मोर्चे की विजय और हलब नगर की आज़ादी ने क्षेत्र में आतंकियों तथा उनके समर्थकों को अलग थलग कर दिया है।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में सीरिया के हलब शहर की आतंकियों के क़ब्ज़े से आज़ादी की मुबारकबाद पेश की और कहा कि हलब में प्रतिरोधक मोर्चे की विजय ने साबित कर दिया कि बड़ी शक्तिया और तकफ़ीरी संगठन क्षेत्र में अपने समर्थकों के पेट्रो डालर की मदद से भी कुछ नहीं कर पाए और जन प्रतिरोध के सामने उनकी एक नहीं चली।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि शाम में हलब की विजय इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था की विजय है, हलब शहीदों के ख़ून की क़ीमत पर आज़ाद हुआ है।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने बहरैन की जनता की पीड़ा का भी उल्लेख किया और दुनिया में आज़ादी तथा मानवाधिकार के बड़े दावे करने वालों की ख़ामोशी की आलोचना करते हुए कहा कि बहरैन की जनता केवल अभिव्यक्ति और विचारों की आज़ादी तथा अपने अधिकार मांग रही है लेकिन इस देश की अत्याचारी सरकार मांगों पर ध्यान देने के बजाए मस्जिदों और इमाम बारगाहों को ध्वस्त कर रही है और वरिष्ठ नेताओं की नागरिकता निरस्त करने में लगी हुई है।
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बहरैन की शाही सरकार पर मानवाधिकार की रक्षा करने के दावेदारों की आलोचना करते हुए हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की चुप्पी एक कलंक है है।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने यमन पर सऊदी अरब के हमलों और उसके द्वारा हो रहे जनसंहार की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि सऊदी सरकार मुसलमानों के पैसे से इस्लामी देशों को तबाह कर रही है लेकिन जनता की जागरूकता और प्रतिरोध इस शासन का अंत कर देगा।