परमाणु समझौते में अमरीका की बधाओं का मुक़ाबला करेंगेः रूहानी
ईरान के राष्ट्रपति ने बल देकर कहा है कि जेसीपीओए के क्रियान्वयन में अमरीका के उल्लंघनों का डटकर मुक़ाबला किया जाएगा।
डाक्टर हसन रूहानी ने जेसीपीओए के लागू होने की वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस कांफ़्रेंस में कहा कि जेसीपीओए के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में अमरीका की बधाओं और रुकावटों का मुक़ाबला किया जाएगा। उनका कहना था कि ईरानी राष्ट्र और सरकार पूरी शक्ति के साथ इन बधाओं के मुक़ाबले में डटी हुई है और अपने राष्ट्रीय हितों से हम कदापि पीछे नहीं हटेंगे।
रूहानी ने गुट पांच धन एक के सदस्य देशों के मुक़ाबले में परमाणु वार्ता में ईरान की सफलताओं और जेसीपीओ की उपलब्धियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि जेसीपीओए, ईरानी राष्ट्र और शहीदों से संबन्धित है जो एक महाराष्ट्रीय उपलब्धि है।
डाक्टर हसन रूहानी ने इस बात पर बल देते हुए कि ईरान, परमाणु और सामूहिक जनसंहार के हथियारों की प्राप्ति के प्रयास में न था और न है, कहा कि ईरान के संबन्ध में परमाणु हथियारों के बारे में जो कुछ कहा गया है वह सफेद झूठ है। उन्होंने कहा कि जेसीपीओए ने ईरान की सत्यता को सिद्ध कर दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र संघ के सातवें अनुच्छेद से ईरान के निकलने की ओर संकेत करते हुए कहा कि यूरेनियम संवर्धन, ईरानी राष्ट्र का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी ने ईरान की शांतिपूर्ण गतिविधियों को औपचारिकता प्रदान की है।
डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि जेसीपीओए के क्रियान्वयन के बाद से ईरान के विरुद्ध समस्त प्रतिबंधों को हटा लिया गया है और समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने ईरान को क्षेत्र और दुनिया का प्रभावी देश बताया। हसन रूहानी ने कहा कि दुनिया के विभिन्न मामलों में ईरान एक सक्रिय और सार्थक खिलाड़ी की भूमिका निभा रहा है और पूरी शक्ति के साथ मैदान में उपस्थित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र व राजनैतिक मंच पर ईरान की अनुपस्थिति, दुनिया के लिए हानिकारक होगी।
राष्ट्रपति रूहानी ने इसी के साथ ईरानोफ़ोबिया को ग़लत बताया और कहा कि ईरान, दुनिया और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की स्थापना के प्रयास में है। (AK)