राष्ट्रपति रूहानी के लिए कुवैती शासक का संदेश
कुवैत के विदेशमंत्री सबाह अलख़ालिद अस्सबाह ईरान के राष्ट्रपति के नाम कुवैती शासक का संदेश लेकर तेहरान पहुंचे।
तेहरान की यात्रा आरंभ करने से पहले कुवैत के विदेशमंत्री ने कुवैत सिटी में नैटो प्रमुख येन्स स्टोलटनबर्ग के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वे कुवैत नरेश का संदेश इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी को सौपने जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इस संदेश में फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद के देशों के साथ ईरान की वार्ता का फ़्रेमवर्क तय करने संबंधी सुझाव है। उन्होंने कहा कि ईरान और फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद के देश एक दूसरे के साझीदार हैं और उनके बीच आपसी सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
लगभग चार दशकों से ईरान और फ़ार्स खाड़ी की सहयोग परिषद के देशों से संबन्ध उतार-चढ़ाव बढे रहे हैं। ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद फ़ार्स की खाड़ी की सहयोग परिषद का गठन और हालिया वर्षों के दौरान फ़ार्स की खाड़ी की सहकारिता परिषद संघ के नाम से एक नए संगठन के गठन के लिए सऊदी अरब के प्रयासों से पता चलता है कि ईरान के लिए संकट उतपन्न करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस प्रकार की प्रक्रिया, क्षेत्र में मतभेद फैलाने के प्रयासों को दर्शाती है। इसी बीच फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और ईरान के बीच तनाव फैलाने में सऊदी अरब के प्रयासों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि इस प्रकार के प्रयास और वर्तमान स्थिति, किसी के भी हित में नहीं है इसीलिए ईरान, विश्व विशेषकर क्षेत्र की परिस्थितियों पर नज़र रखकर हर प्रकार के मतभेदों को दूर करने के प्रयास में है। अब सवाल यह उठता है कि क्या ईरान के साथ सहयोग करने के लिए फ़ार्स की खाड़ी की सहकारिता परिषद के देश वास्तव में गंभीर हैं? इस बात की आशा की जाती है कि ईरान के लिए कुवैत के शासक के संदेश में यह गंभीर झुकाव, स्पष्ट रूप में दिखाई दे।