ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से बौखलाएं हैं ट्रंपः रूहानी
ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने संयुक्त समग्र कार्य योजना जेसीपीओए को ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध और डटे रहने तथा वरिष्ठ नेता के नेतृत्व का परिणाम बताया है।
अलबुर्ज़ प्रांत में संस्कृति और समाजिक मामलों के बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों से मुलाक़ात में राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि जेसीपीओए से अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के क्रोध का मुख्य कारण यह है कि परमाणु समझौते में ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया है।
उनका कहना था कि जेसीपीओए के बाद के काल में ज़बरदस्त प्रगतियां की गयी हैं और आज जेसीपीओए के लागू होने के एक वर्ष बाद, आईआर-8 सेन्ट्रीफ़्यूज मशीनों द्वारा अतीत की तुलना में 20 गुना अधिक तेज़ी से देश में यूरेनियम संवर्धन संभव हो सका है।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने स्वतंत्रता प्रभात के आगमन पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इमाम ख़ुमैनी को हमेशा आशा थी और उन्होंने ईरानी राष्ट्र के दिलों में आशा की किरण जला दी। डाक्टर रूहानी का कहना था कि सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी लोगों की आशाओं को सुरक्षित रखना है और इस आशा को ख़राब करने के लिए होने वाला हर प्रयास, देश से विश्वासघात है।
ईरान के राष्ट्रपति ने इमाम ख़ुमैनी की स्वदेश वापसी की वर्षगांठ की ओर संकेत करते हुए कहा कि इमाम ख़ुमैनी और क्रांति ने जनता को सच्ची आशा दिला है। उनक कहना था कि मैं सार्थक आलोचकों का हाथ चूमता हूं किन्तु राष्ट्र की आशाओं को तबाह करना, देश से विश्वासघात है। (AK)