ईरानी राष्ट्र सदैव इस्लामी क्रांति का समर्थन करता रहेगाः रूहानी
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि देश की जनता इस्लामी क्रांति, इमाम ख़ुमैनी की आकांक्षाओं और इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के समर्थन को सदैव जारी रखेगी।
राष्ट्रपति रूहानी ने शुक्रवार को तेहरान में आज़ादी स्कावएर पर अपने भाषण में कहा कि इस्लामी क्रांति, ईरान के इतिहास का निर्णायक मोड़ है। उन्होंने कहा कि इसने ईरानी राष्ट्र की विदेशियों पर निरभर्ता को समाप्त करते हुए उन्हें स्वावलंबित बनाया। हसन रूहानी ने कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति, विश्व की एेसी पहली क्रांति है जिसकी सफतला के मात्र दो महीनों के भीतर जनता ने अपने दृष्टिगत व्यवस्था के हित में मतदान किया।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि अमरीका सहित कुछ देशों में जो लोग पहली बार सत्ता सुख भोग रहे हैं उनको यह जान लेना चाहिए कि ईरानी राष्ट्र के साथ वे आदर और सम्मान से बात करें। उन्होंने कहा कि किसी भी धमकी के विरुद्ध ईरान का जवाब मुंहतोड़ होगा। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि वे लोग जो ईरान को धमकी दे रहे हैं उनको जान लेना चाहिए कि ईरान का उत्तर बहुत ही सटीक होगा।
उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी तनाव फैलाने वाला नहीं रहा है किंतु शत्रुओं को समझ लेना चाहिए कि ईरान एक शक्ति है और उसकी ओर कोई भी आंख उठाकर नहीं देख सकता।
राष्ट्रपति रूहानी ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों द्वारा सैंंट्रीफ़्यूज़ आईआर-8 की उपलब्धि की ओर संकेत करते हुए कहा कि पिछले साल तक शत्रु, ईरान को एक ग्राम तक येलो केक आयात नहीं करने दे रहे थे किंतु अभी हालिया दिनों में ईरान ने 350 टन से अधिक यूरेनियम और येलोकेक आयात किया है।
ज्ञात रहे कि इस्लामी क्रांति की सफलता के उपलक्ष्य में तेहरान में आयोजित होने वाली रैलियों के समापन पर राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अपने अपने भाषण में यह बातें कहीं।