तेहरान-स्वीडन के बीच संबंध का भविष्य और सहयोग का नया अध्याय
तेहरान-स्वीडन के बीच संबंध का भविष्य और सहयोग का नया अध्याय
ईरानी राष्ट्रपति और स्वीडन के प्रधान मंत्री के बीच शनिवार को तेहरान में विभिन्न विषयों पर विस्तृत बातचीत हुयी। इस बातचीत की समाप्ति पर दोनों देश के बीच विज्ञान व प्रौद्योगिकी, शिक्षा व शोध, रोड, संपर्क और महिला व परिवार के मामलों में सहयोग के 5 ज्ञापन समझौतों पर दस्तख़त हुए।
ईरान और स्वीडन के अधिकारियों ने शनिवार को तेहरान में अपनी बातचीत में क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर भी बातचीत की। ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने स्वीडन के प्रधान मंत्री स्टीफ़न लोफ़ोन के साथ शनिवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि क्षेत्रीय मामलों ख़ास तौर पर अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया और यमन के बारे में भी स्वीडन के प्रधान मंत्री के साथ बातचीत हुयी।
ईरान-स्वीडन के बीच उच्च स्तरीय बातचीत यह दर्शाती है कि दोनों देश आर्थिक संबंध में विस्तार के साथ साथ राजनैतिक सहयोग का भी इरादा रखते हैं। स्वीडन ने अस्सी के दशक में थोपी गयी जंग में मध्यस्थ के रूप में एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपने संतुलित दृष्टिकोण के ज़रिए यह दर्शाया था कि वह सार्थक योगदान देना चाहता है। इस भूमिका को तेहरान-योरोपीय संघ के संबंध को मज़बूत करने के परिप्रेक्ष्य में एक मानदंड के रूप में बढ़ावा मिलना चाहिए। आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष और क्षेत्र में शांति व स्थरिता के लिए सहयोग सहित क्षेत्रीय संकटों व मामलों के संबंध में सहयोग वे विषय हैं जिनके लिए ईरान भी प्रयास कर रहा है और वह उन सभी देशों के साथ सहयोग के लिए तय्यार है जो आतंकवाद को ख़त्म करने के लिए वास्तव में गंभीर हैं। क्योंकि आतंकवाद सिर्फ़ क्षेत्र के लिए ख़तरा नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के लिए ख़तरा है। इस दृष्टि से तेहरान-स्टॉकहोम संबंध का बेहतर होना सिर्फ़ आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों व विषयों के हल में मदद करने के लिए भी दोनों देश अपनी राजनैतिक क्षमता का इस्तेमाल कर सकते हैं। (MAQ/T)