ईरान की इस्लामी क्रांति बिना किसी समर्थन के सफल हुईः रूहानी
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने तेहरान में आयोजित फ़ाराबी सम्मेलन में कहा कि समाज की समस्याओं के हल की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी मानविकी पर है।
डाक्टर हसन रूहानी ने रविवार को तेहरान में आयोजित 8वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में समाज की समस्याओ के समाधान में मानविकी विषय के बुद्धिजीवियों के महत्वपूर्ण प्रभाव की ओर संकेत करते हुए कहा कि मानविकी विषय की ज़िम्मेदारी केवल निर्माण और परिवर्तन नहीं है बल्कि समाज का मार्गदर्शन और उसे उच्च स्थान पर पहुंचाना है और बुद्धिजीवियों तथा विचारकों का महासंदेश, समाज को संतुलित करना और उसे उच्च स्थान पर पहुंचाना है।
डाक्टर हसन रूहानी ने इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद देश में आयोजित होने वाले 34 से अधिक चुनावों की ओर संकेत करते हुए इसे इस्लामी व्यवस्था के गौरवों में बताया और कहा कि बुद्धिजीवियों और विचारकों को चाहिए कि वह इस्लामी क्रांति का फिर से अध्ययन करें और समाज के सुधार के लिए प्रयास करें।
उनका कहना था कि ईरान की इस्लामी क्रांति पूरब और पश्चिम के ब्लाक पर भरोसा किए बिना सफल हुई। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि यदि इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैंनी की सूक्ष्य समाज की पहचान न होती तो इस्लामी क्रांति क्षेत्र की एक बड़ी शक्ति के सामने जिसे विश्व की बड़ी शक्तियों का समर्थन प्राप्त था, सफल नहीं हो सकती थी। (AK)