ईरान के विरुद्ध क्यों न हो अरब देशों की सेनाः ट्रम्प
अमरीकी राष्ट्रपति का कहना है कि ईरान के विरुद्ध अरब देशों की एक संयुक्त सेना होनी चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ईरान के विरुद्ध संयुक्त अरब सेना के गठन के प्रयास कर रहे हैं। अमरीकी राष्ट्रपति का कहना है कि नैटो की ही भांति अरब देशों की भी संयुक्त सेना होनी चाहिए। इस प्रकार से ट्रम्प, इस्लामी देशों को आपस में टकराने का नया षडयंत्र रच रहे हैं।
अरब देशों की संयुक्त सेना के समर्थन में अमरीकी राष्ट्रपति के वक्तव्य पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ईरान के एक वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह नासिर मकारिम शीराज़ी ने कहा है कि शत्रु का यह प्रयास है कि मध्यपूर्व में भड़की आग को शांत न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि अमरीका सीधे ढंग से हस्तक्षेप न करके हथियार बेचकर पश्चिमी एशिया को अशांत रखना चाहता है।
ज्ञात रहे कि जहां ईरान, इस्लामी देशों के बीच एकता स्थापित करने के लगातार प्रयास कर रहा है वहीं पर ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध अरब देशों की संयुक्त सेना के गठन की बात कहकर एक नए विवाद को जन्म दिया है।