ईरानी नौसेना का एक दल क़ज़ाक़िस्तान पहुंचा
इस्लामी गणतंत्र ईरान की नौसेना का जो दल कज़्ज़ाकिस्तान के लिए रवाना हुआ था वह मंगलवार को कज़्ज़ाकिस्तान पहुंच गया और बुधवार से वह इस देश की नौसेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास करेगा।
कज़्ज़ाकिस्तान केन्द्रीय एशिया का एक बड़ा देश है और शांति व सुरक्षा स्थापित करने में वह अद्वितीय विशेषता व भूमिका का स्वामी है। केन्द्रीय एशिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लेन- देन में ईरान के लिए कज़्ज़ाकिस्तान विशेष महत्व रखता है।
सीरिया संकट के समाधान के संबंध में कज़्ज़ाकिस्तान की राजधानी आस्ताना में जो बैठक हुई थी उसने इस महत्व को स्पष्ट कर दिया। यहां तक कि एक समय में ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य परमाणु वार्ता भी कज़्ज़ाकिस्तान में हुई थी।
इसके अलावा कैस्पियन सागर में कज़्ज़ाकिस्तान की भूमिका इस बात का कारण बनी है कि हालिया तीन दशकों के दौरान तेहरान और आस्ताना के संबंध अच्छे रहें।
पिछले वर्ष ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी कज़्ज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति नूर सुल्तान नज़रबायोफ के आधिकारिक निमंत्रण पर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने के दिशा में कज़्ज़ाकिस्तान की यात्रा पर गये थे। ईरान और कज़्ज़ाकिस्तान ने उस यात्रा के दौरान क्षेत्र की समस्याओं विशेषकर आतंकवाद से मुकाबले के बारे में वार्ताएं और पांच समझौतों पर हस्क्षार किये थे।
ईरान और कज़्ज़ाकिस्तान द्वपक्षीय सहकारिता के अलावा शंघाई संगठन में भी एक दूसरे से सहकारिता कर रहे हैं।
क्षेत्र में ईरान की जो भौगोलिक स्थिति है उसके कारण वह कज़्ज़ाकिस्तान सहित दूसरे पड़ोसी देशों के मध्य संपर्क पुल की भूमिका निभा रहा है।
स्पष्ट है कि ईरान और कज़्ज़ाकिस्तान सहित दूसरे क्षेत्रीय व पड़ोसी देशों की सहकारिता में विस्तार के लिए बुनियादी ढांचे विशेषकर स्ट्रैटेजिक व सुरक्षा सहकारिता में मजबूती की आवश्यकता है और इस्लामी गणतंत्र ईरान की नौसेना के एक दल के कज़्ज़ाकिस्तान जाने और वहां संयुक्त सैन्य अभ्यास के आयोजन को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM