परमाणु समझौते ने ईरानोफ़ोबिया पर अंकुश लगायाः ज़रीफ़
विदेश मंत्री ने कहा है कि संयुक्त समग्र कार्य योजना के क्रियान्वयन के बाद ईरान के ख़िलाफ़ पश्चिम की ईरानोफ़ोबिया की नीति विफल हो गई है।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सोमवार को तेहरान में इस बात की ओर संकेत करते हुए कि ईरान की छवि बिगाड़ने और उसे शांति विरोधी देश दर्शाने के लिए पश्चिम ने बहुत अधिक कोशिश की है, कहा कि जेसीपीओए या परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के बाद इस नीति की उपयोगिता समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि दुश्मन परमाणु समझौता लागू होने से पहले ईरानोफ़ोबिया का प्रसार करके इस्लामी गणतंत्र ईरान को एक युद्धप्रेमी देश और विश्व शांति के लिए ख़तरा दर्शाने की कोशिश करते थे लेकिन अब विश्व समुदाय ईरान के संबंध में तथ्योंं को समझ कर उसे विशेष महत्व दे रहा है।
विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि यद्यपि दुश्मन आज, नए नए रूप में और नई नई शैलियों में ईरानोफ़ोबिया फैलाने की कोशिश में है लेकिन ईरान की जनता और अधिकारियों की चेतना, उसकी साज़िशों की राह में रुकावट है। उन्होंने इसी तरह शुक्रवार को देश में राष्ट्रपति और नगर व ग्राम परिषदों के चुनावों के आयोजन की ओर इशारा करते हुए कहा है कि जनता के सदैव मंच पर उपस्थित रहने के कारण ईरान पूरी तरह सुरक्षित है और शुक्रवार को जनता एक बार फिर चुनाव में भरपूर ढंग से भाग लेकर इसे सिद्ध कर देगी। (HN)