19 मई के चुनाव, इस्लामी प्रजातंत्र का प्रदर्शन होगाः वरिष्ठ नेता
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इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को बड़ी संख्या में जनता के विभिन्न वर्गों के लोगों से मुलाक़ात में 19 मई को होने वाले चुनाव को दुनिया भर के राजनितिज्ञों के सामने जनता का एक बड़ा कारनामा और इस्लामी प्रजातंत्र का एक मनमोहक जलवा बताया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May १७, २०१७ १६:०२ Asia/Kolkata

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को बड़ी संख्या में जनता के विभिन्न वर्गों के लोगों से मुलाक़ात में 19 मई को होने वाले चुनाव को दुनिया भर के राजनितिज्ञों के सामने जनता का एक बड़ा कारनामा और इस्लामी प्रजातंत्र का एक मनमोहक जलवा बताया है।

ईरान आजकल चुनावी माहौल में डूबा हुआ है और एक वैभवशाली चुनाव के आयोजन के लिए हर चीज़ तैयार है। ईरान में बारहवें राष्ट्रपति चुनाव, पांचवें नगर व ग्राम परिषद चुनाव के साथ ही शुक्रवार 19 मई को आयोजित होंगे। मतदान के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पूरी दुनिया की निगाहें इन चुनावों पर लगी हुई हैं। पिछले कुछ हफ़्तों से लेकर गुरुवार की सुबह तक चुनाव के प्रत्याशियों ने अपने आगामी कार्यक्रमों का प्रचार किया। टीवी, रेडियो और अन्य स्थानों पर प्रत्याशियों के बीच चुनावी बहस हुई जिनके दौरान उन्होंने अपने कार्यक्रमों का उल्लेख और उनका बचाव किया। चुनावी प्रचार के दौरान जो हलचल है वह दो स्तरों पर दिखाई दी है। एक ओर तो लोग हैं जो अपने मतों से चुनावों का भविष्य निर्धारित करेंगे और दूसरी ओर वे लोग हैं जो प्रत्याशी बने हैं और प्रतिस्पर्धा के कड़े मैदान में उतरे हैं। चुनाव के इस चरण पर देश विदेश के मीडिया ने बड़ी गहरी नज़र रखी है।

 

चुनाव में लोगों की भरपूर भागीदारी और महत्वपूर्ण पदों का जनता के मतों से निर्धारण वास्तव में ईरान में प्रजातंत्र का जलवा है। ईरान में इस्लामी क्रांति के सफल होने के कुछ ही महीने बाद जनमत संग्रह कराया गया और जनता के मतों से देश में इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था स्थापित हुई। यह प्रजातांत्रिक व्यवस्था ईरान में औसतन हर साल दोहराई गई है और हर बार ईरान की जनता ने अधिक बड़ा कारनामा दुनिया के सामने पेश किया। यही कारण है कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने मतदान केंद्रों पर जनता की भरपूर उपस्थिति पर बल देते हुए कहा है कि शुक्रवार को जिस प्रत्याशी को भी अधिक मत मिलेंगे वही चुनाव, राष्ट्र और इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था का मुख्य विजेता होगा। (HN)