ट्रम्प का यात्रा संबंधी अध्यादेश, कट्टरपंथियों को एक तोहफ़ा हैः विदेशमंत्री
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i44476-ट्रम्प_का_यात्रा_संबंधी_अध्यादेश_कट्टरपंथियों_को_एक_तोहफ़ा_हैः_विदेशमंत्री
ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अमरीकी राष्ट्रपति के अध्यादेश को कट्टरपंथियों और चरमपंथियों के लिए उपहार बताया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun २७, २०१७ १९:५३ Asia/Kolkata
  • ट्रम्प का यात्रा संबंधी अध्यादेश, कट्टरपंथियों को एक तोहफ़ा हैः विदेशमंत्री

ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अमरीकी राष्ट्रपति के अध्यादेश को कट्टरपंथियों और चरमपंथियों के लिए उपहार बताया है।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने मंगलवार को जर्मन विदेशमंत्री के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस में इमिग्रेशन से संबंधित अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के आदेश को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से बहाल किए जाने पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि मुसलमानों के विरुद्ध प्रतिबंधों का जिसके बारे में अमरीकी राष्ट्रपति के सत्ता संभालने के तुरंत बाद अध्यादेश जारी किया, कोई औचित्य नहीं पाया जाता और इससे आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में कदापि कोई सहायता नहीं मिलेगी।

ईरान के विदेशमंत्री ने अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन की नीतियों और उनके हाथों फ़िलिस्तीनियों के मानवीय अधिकारों के हनन की ओर संकेत करते हुए कहा कि ज़ायोनी शासन अपनी नीतियों पर अमल करने के लिए केवल बहानों की तलाश में है ताकि विभिन्न प्रकार के बहानों से क्षेत्र में अपनी नीतियों के परिणाम में होने वाली तबाहियों पर पर्दा डाल सके। मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने ईरान और जर्मनी के प्राचीन संबंधों की ओर भी संकेत किया और कहा कि ईरान, क्षेत्र का एक शांत देश है जो आतंकवाद और अस्थिरता के आधार पर विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहा है और ईरान एक एेसा जनाधारित देश बनने में सफल रहा है जो जर्मनी के लिए अच्छा भागीदार बन सके।

इस प्रेस कांफ़्रेंस में जर्मन विदेशमंत्री ज़िगमार गैब्रियल ने भी इस बात पर बल देते हुए कि जर्मनी विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के साथ द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार का स्वागत करता है, आशा व्यक्त की कि पड़ोसी देशों के साथ ईरान के संबंध विस्तृत होंगे और वह इस्राईल - फ़िलिस्तीन विवाद और इराक़ तथा सीरिया के मामलों में अपनी सकारात्मक भूमिका अदा करते हुए सफलता प्राप्त करेगा।

जर्मन विदेशमंत्री ने ईरान की ओर से परमाणु समझौते के क्रियान्वयन पर आधारित आईएईए की रिपोर्ट की ओर संकेत करते हुए इस समझौते पर अपने देश के समर्थन पर बल दिया और समस्त पक्षों से मांग की है कि वह इस समझौते का समर्थन करें और इस पर कोई प्रश्न चिन्ह न लगने दें। (AK)