परमाणु समझौते पर सभी को अमल करना चाहिएः मोग्रेनी
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यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी ने ईरान और गुट पांच धन एक के बीच एेतिहासिक परमाणु समझौते की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर जारी बयान में कहा कि संयुक्त समग्र कार्य योजना जेसीपीओए दुनिया और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एेतिहासिक उपलब्धि और बहुपक्षीय कूटनीति की सफलता है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul १५, २०१७ ०७:५७ Asia/Kolkata
  • परमाणु समझौते पर सभी को अमल करना चाहिएः मोग्रेनी

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी ने ईरान और गुट पांच धन एक के बीच एेतिहासिक परमाणु समझौते की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर जारी बयान में कहा कि संयुक्त समग्र कार्य योजना जेसीपीओए दुनिया और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एेतिहासिक उपलब्धि और बहुपक्षीय कूटनीति की सफलता है।

यूरोपीय संघ के मीडिया सेन्टर की रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फ़ेडरिका मोग्रेनी ने रान और गुट पांच धन एक के बीच एेतिहासिक परमाणु समझौते की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर जारी बयान में कहा कि परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर के दो साल बाद और जेसीपीओए के क्रियान्वयन के 18 महीने बाद, ईरान सहित समस्त पक्षों ने बड़ी सफलता से इसका क्रियान्वयन किया है चूंकि इस विषय का उल्लेख अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी की छह रिपोर्टों में हुआ है।

फ़ेडरिका मोग्रेनी ने कहा कि जेसीपीओए की पुष्टि सुरक्षा परिषद ने की है इसीलिए यह विश्व समुदाय का समझौता है और सुरक्षा परिषद समस्त सदस्यों से यह अपेक्षा करती है कि जो साल पहले जो उन्होंने वाद किया था उस पर अमल करें।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फ़ेडरिका मोग्रेनी के बयान में आया है कि यूरोपीय संघ जेसीपीओए के क्रियान्वयन और इसकी रक्षा पर प्रतिबद्ध था और रहेगा।

दूसरी ओर जर्मनी के विदेशमंत्रालय ने सभी पक्षों से जेसीपीओए पर प्रतिबद्ध रहने की मांग की है। स्पूतनिक समाचार एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी के विदेशमंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी करके कहा कि जर्मन सरकार ईरान और गुट पांच धन एक के बीच होने वाले परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की मांग करती है।

ज्ञात रहे कि 14 जुलाई 2015 को ईरान और दुनिया की छह बड़ी शक्तियों के बीच सघन वार्ता के बाद परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। जेसीपीओए का क्रियान्वयन 16 जनवरी 2016 से आरंभ हुआ। (AK)