परमाणु समझौते का संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हैः मोगरीनी
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परमाणु समझौते के पालन के संबंध में सबसे अधिक ख़राब रवइया अमेरिका का रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २०, २०१७ १५:१५ Asia/Kolkata

परमाणु समझौते के पालन के संबंध में सबसे अधिक ख़राब रवइया अमेरिका का रहा है।

ईरान और गुट पांच धन एक देशों के मध्य होने वाले परमाणु समझौते पर नज़र रखने वाले संयुक्त आयोग की बैठक शुक्रवार को वियना में हो रही है।

इस बैठक में इस बात की समीक्षा की जायेगी कि परमाणु समझौते से संबंधित पक्षों ने किस सीमा तक इसका पालन या उल्लंघन किया है।

परमाणु ऊर्जा से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए लाभ उठाने हेतु ईरान ने अपने कानूनी अधिकारों की प्राप्ति के लिए विश्व की बड़ी शक्तियों के सामने जो प्रतिरोध किया उससे इस्लामी गणतंत्र ईरान की छवि अंतरराष्ट्रीय समीकरणों में एक प्रभावी देश के रूप में सामने आयी।

आज भी अमेरिका के बारमबार शत्रुतापूर्ण रवइये के बावजूद ईरान पूरी शक्ति व स्वाधीनता के साथ परमाणु समझौते के सही संचालन की दिशा में क़दम उठा रहा है और साथ ही दूसरे देश इस समझौते पर कितना अमल कर रहे हैं इस पर भी वह पैनी नज़र रखे हुए है।

इस संबंध में सबसे अधिक ख़राब रवइया अमेरिका का रहा है।

परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर के बाद से वह एक बुरे दरोगा की भूमिका निभा रहा है ताकि यह समझौता अपने अस्ली मार्ग से हट जाये।

यद्यपि अमेरिका में डोनाल्ट ट्रम्प की सरकार आने के बाद ईरान के संबंध में अमेरिका का रवइया और शत्रुतापूर्ण हो गया और परमाणु समझौते को कमज़ोर करने की दिशा में इस सरकार ने किसी प्रकार के संकोच से काम नहीं लिया परंतु अमेरिकी अधिकारियों ने अपनी इच्छा के विपरीत ईरान को इस समझौते के प्रति कटिबद्ध पाया और इसकी उन्होंने भी पुष्टि की।

ट्रम्प सरकार के विदेशमंत्रालय ने पिछले सोमवार को परमाणु समझौते के प्रति ईरान की वचनबद्धता की पुष्टि की।

बहरहाल यूरोपीय संघ की विदेश नीति आयुक्त फेड्रीका मोगरीनी ने एक बार फिर परमाणु समझौते के क्रियान्वयन पर बल दिया और कहा कि ईरान के साथ होने वाले समझौते का संबंध उन समस्त पक्षों से है जिन्होंने इसे संभव बनाया और वह एक या दो देशों से संबंधित नहीं है बल्कि उसका संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय से है। MM