ईरान, चीन के साथ संबंध विस्तार का इच्छुक हैः राष्ट्रपति रूहानी
राष्ट्रपति ने चीनी सरकार के विशेष दूत से भेंट में कहा है कि ईरान और चीन के मध्य सहकारिता की संभावना वर्तमान सतह से बहुत अधिक है।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने रविवार को तेहरान में होने वाली भेंट में दोनों देशों के मध्य 30 अरब डॉलर के होने वाले व्यापारिक लेन- देन की ओर संकेत किया और कहा कि दोनों देशों के मध्य मौजूद संभावनाओं के दृष्टिगत लेन- देन की वर्तमान सतह बहुत कम है और आशा है कि तेहरान और बीजींग के संबंधों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि ईरान का इरादा मित्र देश चीन के साथ अधिक से अधिक संबंध विस्तार है।
उन्होंने तेल, गैस और शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों में ईरान और चीन के मध्य होने वाली सहकारिता की ओर संकेत करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान इन क्षेत्रों में सहकारिता को विस्तृत करने की तत्परता रखता है और साथ ही वह दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य हो चुकी वार्ताओं के दृष्टिगत नई ऊर्जा व तकनीक के क्षेत्र में भी चीन के साथ सहकारिता करने का इच्छुक है।
उन्होंने कहा कि ईरान चीन की ऊर्जा आवश्यकताओं की आपूर्ति का एक अच्छा व भरोसेमंद स्रोत हो सकता है।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते के लागू होने के बाद ईरान और चीन ने बैंकिग लेन- देन को सरल बनाने की दिशा में अच्छा क़दम उठाया और आर्थिक सहकारिता में विकास के लिए बैंकिन्ग लेन- देन का अच्छा होना ज़रूरी है।
ईरान की यात्रा पर आये चीनी सरकार के विशेष दूत हि ली फिन्ग ने भी इस भेंट में ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के साथ अपने देश के संबंधों में विस्तार की इच्छा की ओर संकेत किया और कहा कि बीजींग एक पक्षीय प्रतिबंध का विरोधी है और वह सूक्ष्म व पूर्णरूप से परमाणु समझौते के क्रियान्वयन का इच्छुक है। MM