अधिक प्रतिबंध लगे तो ईरान परमाणु समझौते से निकल जाएगाः रूहानी
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राष्ट्रपति ने बल देकर कहा है कि अगर अमरीका ने ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का सिलसिला जारी रखा तो तेहरान थोड़े ही समय में परमाणु समझौते से निकल सकता है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug १५, २०१७ १०:४२ Asia/Kolkata
  • अधिक प्रतिबंध लगे तो ईरान परमाणु समझौते से निकल जाएगाः रूहानी

राष्ट्रपति ने बल देकर कहा है कि अगर अमरीका ने ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का सिलसिला जारी रखा तो तेहरान थोड़े ही समय में परमाणु समझौते से निकल सकता है।

डाॅक्टर हसन रूहानी ने मंगलवार को संसद की ओर से प्रस्तावित मंत्रियों को विश्वासमत देने की समीक्षा की बैठक में कहा कि अमरीकी अधिकारियों को जान लेना चाहिए कि प्रतिबंधों के विफल अनुभव ने ही उनकी पिछली सरकारों को वार्ता की मेज़ पर पहुंचाया था। उन्होंने कहा कि अगर अमरीका के वर्तमान अधिकारी उन अनुभवों को दोहराना चाहेंगे तो निश्चित रूप से ईरान बहुत थोड़े समय में, वार्ता से पहले की स्थिति में लौट जाएगा लेकिन यह स्थिति उस स्थिति से कहीं आगे की होगी।

 

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि अमरीका की ओर से प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन का कारण यह है कि ईरान परमाणु समझौते पर पूरी तरह से कटिबद्ध है और अपने अधिकारों की बहाली का संकल्प रखता है जबकि अमरीका अपने विस्तारवाद में विफल हो चुका है। उन्होंने कहा कि संसार ने हालिया महीनों में यह बात स्पष्ट रूप से देख ली है कि अमरीका अंतर्राष्ट्रीय समझौतों की अनदेखी करता है और उसने परमाणु समझौते के अलावा पेरिस समझौते, क्यूबा समझौते और नफ़्ता समझौते का भी उल्लंघन किया है।

 

ईरान के राष्ट्रपति ने इसी तरह पश्चिमी एशिया के हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि तेरान की नज़र में आतंकी गुटों की हिंसा और बाहरी शक्तियों के सहारे क्षेत्रीय देशों को अशांत व असुरक्षित बनाने की उनकी कोशिश, क्षेत्र की मुख्य चुनौती है और वह पूरी सद्भावना और संकल्प के साथ क्षेत्र में शांति व स्थिरता की बहाली का इच्छुक है। डाॅक्टर रूहानी ने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं का केवल क्षेत्रीय समाधान है और ईरान स्थिरता के केंद्र के रूप में सभी पड़ोसी देशों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाता है और शांति व सुरक्षा की स्थापना के लिए कोशिशों की मांग करता है। (HN)