जेसीपीओए को प्रभावित करने के लिए आईएईए से अमरीकी खिलवाड़
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अमरीका ने अब तक जेसीपीओए के संबंध में अपने वादे पर अमल नहीं किया है और अब वह एक पक्षीय रूप से राजनैतिक पैंतरा बदलते हुए ईरान के अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौते को प्रभावित करने के प्रयास में लगा हुआ है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Aug २५, २०१७ ११:४६ Asia/Kolkata

अमरीका ने अब तक जेसीपीओए के संबंध में अपने वादे पर अमल नहीं किया है और अब वह एक पक्षीय रूप से राजनैतिक पैंतरा बदलते हुए ईरान के अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौते को प्रभावित करने के प्रयास में लगा हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका की राजदूत निकी हेली ने आईएईए के महानिदेशक यूकिया अमानो से मुलाक़ात के बाद ट्वीट किया कि अमरीकी प्रतिनिधि मंडल ईरान के परमाणु समझौते के बारे में असंख्य सवालों के साथ विएना पहुंचा और यूकिया अमानो से मुलाक़ात में इन सवालों के जवाब प्राप्त किए किन्तु अमरीकियों को अब भी बहुत अधिक चिंताएं और शंकाएं हैं। निकी हेली ने लिखा कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी की रिपोर्ट केवल ईरान के उन परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में सच्ची हो सकती है जिन तक उसकी पहुंच है।

निकी हेली का यह बयान इस बात का चिन्ह है कि अमरीका इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था पर दबाव डालकर जेसीपीओए को वाइट हाऊस की इच्छाओं के मार्ग पर लाने के प्रयास में है। संयुक्त समग्र कार्य योजना या जेसीपीओए के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका की राजदूत के बयान के जवाब में संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थाई प्रतिनिधि ने गुरुवार को कहा कि ईरान, राजनैतिक लक्ष्यों के लिए अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के दुरुपयोग की अमरीका को कभी भी अनुमति नहीं देगा। 

नई अमरीकी सरकार के अधिकारियों को अच्छी तरह यह पता है कि ईरान जेसीपीओए के अपने समस्त वचनों पर प्रतिबद्ध रहा है और इन हालात में वह एक पक्षीय रूप से जेसीपीओए पर आईएईए की ज़िम्मेदारियों और उसकी भूमिका को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।

अमरीका की कोशिश है कि जैसे उसने मनगढंत बातें पेश करके पहले कुछ समय तक के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को प्रभावित किया था, वही माहौल फिर से पैदा हो जाए ताकि जेसीपीओए को प्रभावित करने के हालात पैदा हो जाएं।

ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अमरीका द्वारा जेसीपीओए के उल्लंघन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान अमरीकी वादा ख़िलाफ़ी का समझदारी से जवाब देगा।  उन्होंने बल देकर कहा कि संयुक्त समग्र कार्य योजना की रक्षा और देश व विदेश में इसे लागू कराना, विदेश मंत्रालय की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। (AK)