राष्ट्र धमकियों से भयभीत नहींः राष्ट्रपति रूहानी
धर्म और ईश्वरीय आदेशों का पालन लोगों के अपने भविष्य निर्धारण का कारण बना है।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र विदेशी धमकियों और षडयंत्रों से भयभीत नहीं है क्योंकि विदेशियों से न डरने को उसने स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी से सीख लिया है।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रविवार को स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की आकांक्षाओं से प्रतिबद्धता के विशेष कार्यक्रम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने इराक द्वारा ईरान पर थोपे गये आठ वर्षीय युद्ध में कि जब समस्त शक्तियां अतिक्रमणकारी का समर्थन कर रही थीं, ईरानी राष्ट्र को यह सिखा दिया कि एक राष्ट्र अपने मज़बूत इरादों के साथ किस प्रकार विभिन्न प्रकार के षडयंत्रों का मुकाबला करे।
राष्ट्रपति ने संविधान, चुनाव, स्वतंत्र संसद, शक्तिशाली सरकार और न्यायिक स्वतंत्रता को स्वर्गीय इमाम खुमैनी की यादगार बताया और कहा कि इमाम ख़ुमैनी ने इस्लाम और लोकतंत्र को लोगों को उपहार में दिया और दर्शा दिया कि धर्म और ईश्वरीय आदेशों का पालन लोगों के अपने भविष्य निर्धारण का कारण बनेगा।
राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी आज सुबह मंत्रीमंडल के सदस्यों के साथ स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के मज़ार पर गये और इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक की क़ब्र पर आदर- भाव व्यक्त किया और एक बार फिर उनकी आकांक्षाओं के प्रति वचनबद्धता जताई। MM