म्यांमार की सरकार रोहिंग्या मुसलमानों के अधिकारों के हनन को रोकेः ईरान
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा और अमानवीय स्थिति के जारी रहने पर चिंता जताते हुए कहा है कि म्यांमार की सरकार को इस देश के मुसलमानों के अधिकारों के हनन को रोकना चाहिए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug २९, २०१७ ०३:५७ Asia/Kolkata
  • म्यांमार की सरकार रोहिंग्या मुसलमानों के अधिकारों के हनन को रोकेः ईरान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा और अमानवीय स्थिति के जारी रहने पर चिंता जताते हुए कहा है कि म्यांमार की सरकार को इस देश के मुसलमानों के अधिकारों के हनन को रोकना चाहिए।

बहराम क़ासेमी ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ अमानवीय कार्यवाहियों और हिंसा के जारी रहने की ओर संकत करते हुए कहा कि विश्व स्तर पर स्वीकृत मूल अधिकारों और मानवीय प्रतिष्ठा के सम्मान के परिप्रेक्ष्य में इस्लामी गणतंत्र ईरान की सरकार म्यांमार में मुसलमानों के अधिकारों का हनन जारी रहने और बड़ी संख्या में उनके मारे जाने व बेघर होने पर गहरी चिंता व अप्रसन्नता प्रकट करती है। उन्होंने म्यांमार की सरकार से कहा कि वह देश में शांतिपूर्ण जीवन व शांति स्थापना के लिए युक्तिपूर्ण और सही नीतियों के साथ क़दम उठाए।

 

ज्ञात रहे कि म्यांमार में दस लाख से अधिक मुसलमान जीवन बिता रहे हैं लेकिन इस देश की सरकार उन्हें नागरिकता का अधिकार देने को तैयार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने हाल ही में म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमान की दुखद व दयनीय स्थिति की ओर से सचेत करते हुए कहा था कि ये मुसलमान अत्यंत ख़तरनाक हालात में जीवन बिताने के लिए मजबूर हैं। रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए हैं जबकि दसियों हज़ार, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, भारत और बांग्लादेश में शरणार्थियों का जीवन बिता रहे हैं। (HN)