जेसीपीओए के संबंध में अमरीका की शैतानी
वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने तेहरान में कैडेट कॉलेज में एक समारोह में परमाणु समझौते जेसीपीओए के संबंध में अमरीका के नीचता भरे क़दम के बारे बल देकर कहा कि जेसीपीओए के संबंध में किसी भी ग़लत क़दम का ईरान जवाब देगा।
उन्होंने इससे पहले जब अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने 2016 में राष्ट्रपति पद के चुनावी अभियान के दौरान जेसीपीओए को फाड़ने की बात कही थी, तो साफ़ तौर पर कहा था कि अगर अमरीकियों ने जेसीपीओए को फाड़ा तो इस्लामी गणतंत्र ईरान उसमें आग लगा देगा।
वरिष्ठ नेता ने जेसीपीओए के संबंध में अमरीका की ओर से जारी अवेहलना की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमरीकी हर दिन जेसीपीओए के संबंध में एक न एक शरारत कर रहे हैं जिससे इमाम ख़ुमैनी के उस कथन की पुष्टि होती है कि अमरीका महाशैतान है और सच बात तो यह है कि अमरीका शैतानों में सबसे नीच शैतान है।
जिस तरह लगभग पिछले चार दशक से इस्लामी गणतंत्र ईरान और राष्ट्र, अमरीका की शरारतों के सामने डटा रहा उसी तरह जेसीपीओए के संबंध में भी हर ग़लत क़दम का ठोस जवाब देगा।
जेसीपीओए के बारे में अमरीका की मौजूदा गतिविधियों से इस्लामी गणतंत्र ईरान कभी भी प्रभावित होने वाला नहीं है। ईरान जेसीपीओए की पूरी दृढ़ता से रक्षा करेगा और जिस तरह अब तक निष्ठा के साथ इस मार्ग पर आगे बढ़ा है वैसे ही आख़िर तक जाएगा लेकिन अमरीका की धमकियों के सामने झुकने वाला नहीं है। ईरान इस बात की इजाज़त नहीं देगा कि अमरीकी जेसीपीओए की आड़ में इस्लामी गणतंत्र ईरान के राज़ से अवगत हों और ईरान के सैन्य केन्द्रों के निरीक्षण की अमरीकियों की इच्छा, उनके लिए एक ख़्वाब से ज़्यादा कुछ और नहीं रहेगी। (MAQ/T)