जेसीपीओए से निकलने से सौ प्रतिशत नुक़सान अमरीका को होगाःरूहानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने संयुक्त समग्र कार्य योजना से निकलने को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, कूटनीति और वार्ता की कमज़ोरी बताया और कहा कि जेसीपीओए से निकलने से सौ प्रतिशत नुक़सान अमरीका को ही होगा।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने न्यूयार्क में अमरीका के विदेशी विभाग के अधिकारियों से मुलाक़ात में कहा कि आशा है कि कोई भी पक्ष जेसीपीओए का उल्लंघन नहीं करेगा और जेसीपीओए को पैरों तले नहीं रौंदेगा। उन्होंने कहा कि यदि मान लिया जाए कि एक व्यक्ति के कहने पर अंतर्राष्ट्रीय समझौते को समाप्त कर दिया जाए तो इसका मतलब दुनिया में अराजकता, ज़ोरज़बरदस्ती और सैन्य शक्ति का निमंत्रण देना है।
डाक्टर हसन रूहानी ने यह बयान करते हुए कि ईरान ने अपने वचनों पर पूर्ण रूप से अमल किया है और इसकी गवाही अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी की रिपोर्टें हैं, कहा कि यदि अमरीका जेसीपीओए से निकला तो ईरान ने स्वयं को हर स्थिति के लिए तैयार कर रखा है और इस बारे में कोई चिंता नहीं पायी जाती।
राष्ट्रपति ने इस बारे में कि क्या ईरान, अमरीका के साथ अन्य विषयों पर वार्ता के लिए तैयार है, कहा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने आधिकारिक रूप से कहा है कि अमरीका पर ईरान के विश्वास का मापदंड,यही परमाणु समझौता होगा और यदि अमरीका ने उल्लंघन किया तो पता है कि अन्य विषयों के बारे में भी अमरीका से वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकलेगा और कोई लाभ नहीं होगा।
डाक्टर हसन रूहानी ने सीरिया के विषय की ओर संकेत करते हुए कहा कि आरंभ से ही ईरान का मानना था कि आतंकवाद को सीरिया और इस देश की जनता पर वर्चस्व नहीं जमाना चाहिए किन्तु कुछ देशों ने इसको स्वीकार नहीं किया और जब उन्होंने देखा कि सीरिया में आतंकवादी हर निर्दोष व्यक्त की हत्या कर रहे हैं तो उनकी समझ में आया कि आतंकवाद से संघर्ष और युद्ध के अतिरिक्त कोई और रास्ता नहीं है। (AK)