जेसीपीओए के संबंध में अमरीका अलग थलग पड़ गया है
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ईरान और गुट पांच धन एक के विदेश मंत्रियों की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में आयोजित बैठक में परमाणु समझौते जेसीपीओए को अच्छा समझौता बताया गया और अमरीका को छोड़ सभी पक्षों ने जेसीपीओए के संबंध में फिर से बातचीत का विरोध किया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep २२, २०१७ १२:४७ Asia/Kolkata

ईरान और गुट पांच धन एक के विदेश मंत्रियों की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में आयोजित बैठक में परमाणु समझौते जेसीपीओए को अच्छा समझौता बताया गया और अमरीका को छोड़ सभी पक्षों ने जेसीपीओए के संबंध में फिर से बातचीत का विरोध किया।

इस बैठक के बाद ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि गुट पांच धन एक में अमरीका को छोड़ सभी सदस्यों ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस, चीन और जर्मनी ने जेसीपीओए के पूरी तरह पालन, इस संबंध में किसी तरह की बातचीत न होने और इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते की उपलब्धियों के प्रति सभी पक्षों के प्रतिबद्ध रहने पर बल दिया।

न्यूयॉर्क में जेसीपीओए के संयुक्त आयोग की बैठक से एक बार फिर योरोपीय देश, चीन और अमरीका की ओर से जेसीपीओए के प्रति समर्थन स्पष्ट हो गया। इस बैठक में सभी देशों ने यह बात क़ुबूल की कि ईरान जेसीपीओए के प्रति पाबंद है लेकिन अमरीका इस समझौते को त्रुटीपूर्ण दिखाने की राजनीति कर रहा है ताकि इस बारे में फिर से बातचीत हो। अमरीका ने जेसीपीओए के प्रति पाबंद रहने के लिए दुबारा बातचीत की शर्त लगायी है लेकिन उसके इस दृष्टिकोण का गुट पांच धन एक के अन्य सदस्यों और ईरान ने विरोध किया है।

यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि अमरीका पहले फिर से बातचीत करना चाहता है ताकि इस देश के अनुसार जेसीपीओए की कमी को दूर करे और अगर उसके इस निवेदन पर सहमति न हुयी तो अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के शब्दों में अमरीका जेसीपीओए से निकलने के बारे में समीक्षा करेगा। अमरीका के इस दृष्टिकोण का गुट पांच धन एक के अन्य सदस्यों ने समर्थन नहीं किया और अगर अमरीका संभवतः जेसीपीओए से निकलता है तो वह अकेला पड़ जाएगा। जैसा कि योरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फ़ेड्रिका मोग्रीनी ने बुधवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर कहा कि 2015 में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से बारे में हुए समझौते पर फिर से बातचीत की ज़रूरत नहीं है।

बहरहाल जेसीपीओए के संबंध में अमरीका के हर प्रकार के फ़ैसले के मुक़ाबले में इस्लामी गणतंत्र ईरान के पास अनेक विकल्प हैं। जैसा कि ईरानी राष्ट्रपति ने बल दिया कि अमरीका के जेसीपीओए के निकलने की स्थिति में ईरान पर कोई दबाव नहीं पड़ेगा बल्कि दुनिया भर में ईरान की स्थिति बेहतर होगी और यह अमरीकी सरकार है जिस पर विश्व जनमत का दबाव पड़ेगा। (MAQ/T)