अमरीका की ओर से नई यात्रा प्रतिबंध सूचि जारी
वाइट हाउस ने यात्रा प्रतिबंधों की नई सूची जारी की है। यात्रा प्रतिबंध संबन्धी इस सूचि में विश्व के कई देश सम्मिलित हैं।
वाइट हाउस ने संयुक्त राज्य अमरीका की यात्रा पर प्रतिबंध के बारे में सोमवार को सुबह एक नई सूची जारी की है। जिन देशों के नागरिकों के अमरीका यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें से एक ईरान भी है।
बयान में कहा गया है कि ईरानी नागरिकों की अमरीका की यात्रा पर प्रतिबंध से केवल वे छात्र अलग हैं जिनकी पुष्टि हो चुकी हो किंतु उनपर निगाह रखी जाएगी। इस नए क़ानून पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए टवीटर पर लिखा है कि ईरानियों के बारे में ट्रम्प की सहानुभूति, झूठी है। ईरान और अमरीका के कूटनैतिक संबन्धों में परिवर्तनों पर दृष्टि डालने से पता चलता है कि अमरीका, सदैव ही ईरान के विरुद्ध शत्रुतापूर्ण व्यवहार करता आया है और यह हर दिन अधिक स्पष्ट होता जा रहा है। ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के आरंभ से ही अमरीका, ईरान का शत्रु रहा है और उस समय से वह लगातार ईरान के विरुद्ध शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियां करता आ रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि ईरान की इस्लामी क्रांति ने पूरी दुनिया के सामने अमरीकी की वास्तविकता को स्पष्ट कर दिया है। अमरीका अभी भी इसी सोच में है कि वह अपनी दृष्टिगत शर्तों को ईरान से मनवा लेगा। यही कारण है कि ट्रम्प के काल में भी अमरीका उसी घिसी-पिटी नीति को आगे बढ़ा रहा है।
उधर ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने इससे पहले सीएनएन को दिये अपने साक्षात्कार में कहा था कि अमरीका के क्रियाकलापों के दृष्टिगत ईरान के पास कुछ विकल्प हैं जिनमे से एक समझौते से निकलना भी सम्मिलित है। इससे पहले न्यूयार्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने सलाहकारों से कहा है कि वे अपनी रिपोर्ट इस प्रकार से तैयार करें जिसके आधार पर वे ईरान को परमाणु समझौते के अनुच्छेदों का उल्लंघनकर्ता दर्शा सकें। इस बारे में विदेशमंत्री जवाद ने कहा है कि अमेरिका जो कुछ कर रहा है वह इस बात का सूचक है कि यह देश किसी भी स्थिति में भरोसे योग्य नहीं है।