इराक़ का विभाजन, ज़ायोनी शासन की नीति हैः न्याय पालिका प्रमुख
इस्लामी गणतंत्र ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख का कहना है कि इराक़ी कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह का आयोजन, क्षेत्र को आपस में उलझाने के लिए वर्चस्ववादी देशों विशेषकर ज़ायोनी शासन की ओर से षड्यंत्र है।
न्यायपालिका के प्रमुख आयतुल्लाह सादिक़ आमुली लारेजानी ने सोमवार को न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक में बल दिया कि इस्लामी देशों के विभाजन की नीति, इस्लामी सरकारों को कमज़ोर करने और मुसलमानों के बीच लंबा युद्ध आरंभ करने के लिए ज़ायोनी शासन की नीति है और खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि इराक़ी कुर्दिस्तान भी इस प्रकार की नीति का अनुसरण कर रहा है।
ईरान की न्याय पालिका के प्रमुख ने कहा कि इस संबंध में इस्लामी गणतंत्र ईरान की नीति, हर प्रकार के अलगाववादी और विभाजनवाद का विरोध है और इराक़ी कुर्दिस्तान क्षेत्र के अधिकारी विभाजन के मार्ग पर सफल नहीं हो पाएंगे।
आयतुल्लाह सादिक़ आमुली लारीजानी ने क्षेत्र में प्रतिरोध के मोर्चे की स्थिति और इस मोर्चे की विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सफलताओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवादी गुट दाइश और तकफ़ीरी विचार धारा, अंतिम सांसें ले रही है और सीरियाऔर इराक़ की सशस्त्र सेनाओं और जनता के साहस और इसी प्रकार ईरान के भरपूर समर्थन से इन आतंकवादी गुटों का ख़ातेमा निकट है। (AK)